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मंत्री ने कहा- सहूलियतें बढ़ी हैं तो किराया घटाएं
ट्रांसपोर्ट रिपोर्टर | भोपाल
डीजल की कीमत में लगातार हो रही कमी के चलते अब यात्री बस किराया घटाने की कवायद शुरू हो गई है। हालांकि बस ऑपरेटर ज्यादा से ज्यादा 4 पैसे प्रति किमी ही किराया घटाने के मूड में हैं। उनका तर्क है कि किराया बढ़ाने या घटाने में अकेले डीजल की कीमत कम होना ही कारगर नहीं होता है। उधर, परिवहन विभाग के मंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि डीजल की कीमत में कमी के साथ ही बस ऑपरेटरों को काफी सहूलियतें मिल रही हैं, इसलिए जनता की मांग के अनुसार किराए में कमी करना चाहिए।
10 फरवरी को किराया निर्धारण बोर्ड की बैठक परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक के बारे में किराया बोर्ड के सदस्य प्रमुख बस ऑपरेटरों उनकी एसोसिएशन से हुई चर्चा में ऑपरेटरों ने किराया कम करने में कई मजबूरियां गिनाईं।
केपिटल रोडवेज के संचालक किराया निर्धारण समिति के सदस्य चरणजीत गुलाटी ने बताया कि किराए में कमी या बढ़ोतरी के लिए डीजल की कीमत के साथ बसों का मेंटेनेंस, पार्ट्स की कीमत आदि को भी देखा जाता है।
इस वक्त केवल डीजल की कीमत घटी है। इसलिए जनता की मांग पर करीब 4 पैसे प्रति किमी किराया घटाया जा सकता है।
प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि जब हर माह डीजल की कीमत में 50 पैसे प्रति किमी की बढ़ोतरी हुई थी, तब किराया नहीं बढ़ाया था। जनता की मांग को देखते हुए अधिकतम 7 पैसे प्रति किमी किराया ही घटाया जाना चाहिए। वर्तमान में साधारण दर्जे की बसों में 97 पैसे प्रति किमी किराया लगता है।
बातचीत कर किराए में लाएंगे कमी
^बसऑपरेटर्स के लिए सरकार ने अच्छी सड़कें बनाकर बड़ी सहूलियत दी है। इससे उनकी गाड़ियां कम समय में गंतव्य की ओर पहुंच रही हैं। साथ ही मेंटेनेंस लागत में भी कमी आई है। किराए में कमी करने के लिए बस ऑपरेटर्स से बातचीत की जाएगी। भूपेंद्रसिंह, परिवहन मंत्री मप्र