अमानक दवा मामले में तीन को नोटिस
नसं, भोपाल | सरकारीअस्पतालों में अमानक दवाएं बांटे जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग और मप्र मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन आमने-सामने गए हैं। विभाग ने एसोसिएशन के अध्यक्ष सहित तीन लोगों को नोटिस थमाए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने दवाओं को लेकर दुष्प्रचार किया। जवाब में एसोसिएशन ने विभाग को पत्र भेजा है। इसमें पूछा गया है कि विभाग ने किस आधार पर यह आरोप लगाए हैं।
ये दवाएं स्टेट ड्रग लेबोरेटरी की जांच में अमानक स्तर की पाई गई हैं। इस पर विभाग के आयुक्त पंकज अग्रवाल ने एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अजय खरे, टीबी अस्पताल में पदस्थ डॉ. पद्माकर त्रिपाठी और कर्मचारी नेता अरुण द्विवेदी को नोटिस दिए हैं। जवाब में डॉ. खरे ने आयुक्त को पत्र लिखकर पूछा है कि विभाग के पास इसके क्या सबूत हैं? डॉ. खरे ने कहा कि इस पत्र का जवाब मिलने के बाद ही विभाग को नोटिस का उत्तर दिया जाएगा।
डॉ. खरे ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में सप्लाई हुई दवाओं की जांच स्टेट ड्रग लेबोरेटरी में हुई। जांच में जो दवाएं अमानक निकली, उन दवा कंपनियों पर कार्रवाई करने के स्थान पर सरकार डॉक्टर और कर्मचारियों की विभागीय जांच करा रही है। डॉ. खरे ने बताया कि इन्हीं सब कारणों के चलते स्वास्थ्य आयुक्त पंकज अग्रवाल से खुद पर लगे आरोपों का जवाब देने आरोपों को आधार लिखित में बताने के लिए चिट्ठी लिखी है।
स्टेट ड्रग लेबोरेटरी की जांच में ये दवाएं अमानक पाई गई थीं या नहीं?