- Hindi News
- प्राइवेट अस्पतालों में भी होगा अब स्वाइन फ्लू का इलाज
प्राइवेट अस्पतालों में भी होगा अब स्वाइन फ्लू का इलाज
प्रदेशमें अब तक का सबसे विकराल स्वाइन फ्लू फैलने के बाद बुधवार को पहली बार सरकार अस्पताल में नजर आई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद राजधानी के जेपी और हमीदिया अस्पताल पहुंचकर मरीजों के इलाज का जायजा लिया। उन्होंने मुख्य सचिव अंटोनी डिसा के साथ मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक भी की। स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पहली बार मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू से अब तक 44 मौतें हुई हैं।
मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण सरकार ने अब प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों को भर्ती करने की छूट दे दी है। भोपाल के 13 और इंदौर के 12 प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों का सस्ती दर पर इलाज होगा। इस बीच बुधवार को इंदौर में 6, भोपाल में 2 और जबलपुर में एक मरीज की मौत हो गई। प्रदेश में अब तक बीमारी से मरने वालों की संख्या 62 हो गई है। शेष|पेज 9 पर
स्वाइनफ्लू का प्रकोप बढ़ने और स्थिति लगातार बिगड़ने से चिंतित केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को दिल्ली में भी एक उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की। इस बैठक में बताया गया कि स्वाइन फ्लू से अब तक देश में 407 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि 5157 लोग इसकी चपेट में आए हैं। इधर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को जेपी अस्पताल के स्वाइन फ्लू वार्ड का निरीक्षण किया। वे हमीदिया अस्पताल के फ्लू परीक्षण वार्ड में भी गए। प्राइवेट अस्पतालों से सहयोग का आग्रह करते हुए श्री चौहान ने कहा कि इस समय मानवीय दृष्टिकोण से मरीजों के इलाज को प्राथमिकता देनी होगी।
दो महिलाओं ने दम तोड़ा
स्वाइन फ्लू से भोपाल में पिछले चौबीस घंटे के दौरान दो महिलाओं की मौत हुई। शाहजहांनाबाद निवासी 28 वर्षीय जेबा खान को डिलीवरी के लिए पांच दिन पहले सुल्तानिया जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सर्दी-खांसी की शिकायत होने पर उसकी स्वाइन फ्लू की जांच कराई गई थी। उसे इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। वहां बीती रात उसकी मौत हो गई। स्वाइन फ्लू से दूसरी महिला की मौत बुधवार शाम को हुई। आरएमआरसीटी से उसकी पॉजिटिव रिपोर्ट सोमवार को आई थी। मंगलवार को 25 संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए आरएमआरसीटी भेजे गए थे। इनमें से 6 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अफसरों के मुताबिक पॉजिटिव आए सभी मरीजों की हालत स्थिर है।
लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी थी सरकार ने
21जनवरी को सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों से स्वाइन फ्लू के मरीजों का इलाज करने और उन्हें जेपी या हमीदिया अस्पताल भेजने काे कहा था। साथ ही हॉस्पिटल प्रबंधन को फ्लू से किसी भी मरीज की मौत अथवा उसकी रिपोर्ट लीक करने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद प्राइवेट अस्पतालों ने मरीज भर्ती करना बंद कर दिया था।
स्वास्थ्यमंत्री और प्रमुख सचिव के बीच तीखी नोकझोंक
मुख्यमंत्रीके निरीक्षण के पहले जेपी अस्पताल अधीक्षक के कमरे में नरोत्तम मिश्रा और प्रवीर कृष्ण के बीच तीखी बहस हुई। प्रवीर कृष्ण स्वाइन फ्लू से हुईं मौतों के संबंध में अपना स्पष्टीकरण मिश्रा को दे रहे थे। उनके तर्कों से खफा मिश्रा ने उन्हें समझाइश दी। साथ ही कहा कि स्वाइन फ्लू का संक्रमण रोकने के लिए किए गए इंतजामों का फायदा जनता को मिले, यह सुनिश्चित करें।
{सरकार ने निजी अस्पतालों और निजी मेडिकल कॉलेजों के संचालकों से कहा है कि वे भी मरीजों की मदद के लिए आगे आएं।
{ सरकार निजी अस्पतालों को मास्क, टेमी फ्लू और पीपी किट देगी। मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
{चिरायु अस्पताल ने सरकार को वेंटिलेटर सुविधा और बिस्तरों एवं एम्बुलेंस सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध करवाने की पेशकश की।
{एलएन अस्पताल कोलार भी बिस्तरों एवं अन्य उपकरणों की सेवा देगा।
{सरकारी अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने पर उन्हें निजी अस्पतालों में रेफर किया जा सकता है।
{सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों की समन्वय समिति बनाई जाएगी, जिसमें दोनों ओर से 10-10 प्रतिनिधि सदस्य होंगे।