- Hindi News
- सरकार की अनदेखी, एक ही साल में बन गईं 50 से ज्यादा अवैध कॉलोनी
सरकार की अनदेखी, एक ही साल में बन गईं 50 से ज्यादा अवैध कॉलोनी
बिना इंफ्रास्ट्रक्चर परमिशन के बिक रहे अवैध प्लॉट
सरकारभले ही दावा करे कि अब नई अवैध कॉलोनियां नहीं बनेंगी, लेकिन हकीकत इसके उलट है। राजधानी में लगातार अवैध कॉलोनियां बन भी रही हैं और धड़ल्ले से प्लॉट भी बेचे जा रहे हैं। प्रशासन भी बगैर जांच-पड़ताल के इन प्लाॅट की रजिस्ट्री कर रहा है और नामांतरण भी। इसी कारण एक साल में 50 से ज्यादा नई अवैध कॉलोनियों ने आकार ले लिया है।
सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियां विदिशा रोड और बैरसिया रोड पर बनी हैं। यहां तो बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था है और ही बिल्डिंग परमिशन। अनियोजित विकास से पूरे इलाके की तस्वीर बिगड़ गई है। दैनिक भास्कर ने पड़ताल की तो विदिशा रोड पर सबसे ज्यादा 15 और बैरसिया रोड पर 19 नई अवैध कॉलोनियां मिलीं। यहां बिल्डरों के दलाल सस्ती कीमत का लालच देकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
वैधकॉलोनी से आधी कीमत
इनइलाकों में वैध कॉलोनी में 1000 रुपए प्रति वर्गफीट से ज्यादा कीमत में प्लॉट मिल रहे हैं, लेकिन अवैध कॉलोनी में प्लॉटों की कीमत आधी ली जा रही है। यहां तो पार्क हैं, सीवेज और पानी सप्लाई का सिस्टम। बिल्डर कॉलोनी की परमिशन की फाइल टीएंडसीपी में होने की झूठी बात कहकर लोगों को फंसा रहे हैं। जो लोग प्लाॅट बेच रहे हैं, उनके पास कॉलोनाइजर्स यानी बिल्डर का लाइसेंस भी नहीं है। बिल्डर के दलाल और स्थानीय किसान मिलकर वैध बिल्डरों की तरह ब्रोशर छपवाकर लोगों को विकसित कॉलोनी का सपना दिखाते हैं। आश्वासन देते हैं कि सरकार ही कॉलोनी को वैध कर यहां बुनियादी सुविधा मुहैया कराएगी।
इसलिएबन रही अवैध कॉलोनी
नयामास्टर प्लान नहीं पाया है। पुराने मास्टर प्लान में आवासीय जमीन बहुत कम बची है। जो बची है, वह बेहद महंगी है। कम आय वर्ग के लोग यहां मकान या प्लाॅट नहीं खरीद पाते। बिल्डर ऐसे लोगों की मांग को पूरी करने के लिए अवैध प्लाॅटिंग कर देते हैं।
टीएंडसीपी और निगम की वेबसाइट पर देखें नक्शा
अवैधकॉलोनी का पता करने के लिए टीएंडसीपी की वेबसाइट mptownplan.nic.in पर कॉलोनी, खसरा नंबर, बिल्डर के नाम में से किसी एक विकल्प को भर दें। यदि कॉलोनी वैध होगी तो उसकी जानकारी स्क्रीन पर जाएगी।
जिला प्रशासन और टीएंडसीपी एक-दूसरे पर डाल रहे कार्रवाई की जिम्मेदारी
नक्शा देखकर ही पहचान सकते हैं अवैध कॉलोनी
अवैधकॉलोनी के नक्शों में रोड की चौड़ाई बेहद कम होती है। रोड की चौड़ाई फीट में बताई जाती है। इसके अलावा इसमें तो आेपन स्पेस होता है और ही कोई पार्क। बिजली, पानी और सीवेज के लिए भी स्थान आरक्षित नहीं रखा जाता है।
{ सुनियोजित प्लानिंग नहीं, सड़कें संकरी। { ड्रेनेज और वाटर सप्लाई का सही सिस्टम नहीं। कई कॉलोनियों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित नहीं होता। { तो बैंक लोन मिलता है ही प्लॉट को माॅर्टगेज रख सकते हैं। इसलिए खरीद-फरोख्त में दिक्कत। { विकास होने प्राॅपर्टी की कीमतें स्थिर। { बिल्डिंग परमिशन होने के कारण सरकार या अन्य एजेंसी कभी भी कार्रवाई कर सकती है।
{ बिल्डर को कॉलोनी लाइसेंस, विकास अनुमति और नक्शा स्वीकृति के बिना विज्ञापन जारी करना अथवा प्लाॅट बेचना दंडनीय अपराध हो।
{सभी विज्ञापनों में निर्मित भवनों का एरिया, कारपोरेट एरिया अन्य मापदंडों को प्रदर्शित करना अनिवार्य हो।
{सरकार रजिस्ट्री करने से पहले टीएंडसीपी से भी प्लॉट की एनओसी लेना अनिवार्य करे।
{नगर निगम सीमा की भांति ग्रामीण क्षेत्रों में भी अवैध कॉलोनी बनाने वाले बिल्डरों पर सजा के प्रावधान किए जाएं।
{डायवर्जन के बगैर निर्माण करने पर संबंधित व्यक्ति को पेनॉल्टी के साथ ही सजा भी दी जाए।
यह कदम उठाए जाएं तो नहीं बने ऐसी कॉलोनियां
ये काॅलोनियां आती हैं
अवैध की श्रेणी में
{मास्टर प्लान का उल्ल्घंन कर यानी ग्रीन बेल्ट, सड़क, तालाब, जल स्रोत, हाइवे और राजस्व जमीन पर निर्माण करना।
{ कृषि जमीन का लैंडयूज बदले बगैर आवासीय उपयोग करना।
{ बिना डायवर्जन की अनुमति के प्लाॅटिंग करना।
{ लेआउट स्वीकृति के बिना प्लाॅटिंग करना।
{ कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं के निर्माण कार्य पूरे नहीं कराना।
यह कॉलोनियां अवैध
{अयोध्याबायपास पर श्री राधाकृष्णपुरम फेज टू {अयोध्या बायपास पर श्री शिव सिटी {विदिशा रोड पर महावीर सिटी {कल्याणपुर चौराहे पर सेंट्रल पार्क सिटी {विदिशा रोड पर आदर्श सिटी {विदिशा रोड स्थित चौपड़ा कला में भोपाल ग्रीन सिटी {विदिशा रोड स्थित चौपड़ा कला में कमला नगर {नए बायपास पर राम सिटी {मालीखेड़ी में शुभी प्लॉट्स {नए बायपास पर मुगालिया फ्यूचर सिटी और दिशा ड्रीम सिटी {चोपड़ा कला में श्री गोपी नगर {मालीखेड़ी में प्रेम सिटी {सूखी सेवनिया में श्री बांके बिहारी नगर {विदिशा रोड पर सांई सिटी
^ टीएंडसीपी एक्ट के तहत हम भी कार्रवाई करते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया बहुत लंबी है। कोर्ट से इस मामले में कार्रवाई होती है। जबकि कॉलोनाइजर्स रूल्स के तहत नगर निगम क्षेत्र में निगम कमिश्नर और पंचायत क्षेत्र में एसडीओ को कार्रवाई के अधिकार हैं। इसलिए प्रशासन को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। गुलशनबामरा, कमिश्नर, टीएंडसीपी
^ लोग बड़ी मुश्किल से प्रॉपर्टी खरीद पाते हैं। इसलिए मेरी अपील है कि लोग भली-भांति जांचकर प्रॉपर्टी खरीदें। रही बात अवैध कॉलोनियाें की तो बीते एक साल से लगातार चुनाव थे, उसमें हम व्यस्त थे। वैसे भी यह काम टीएंडसीपी का है। वह कार्रवाई करे, प्रशासन उनकी मदद करेगा। मैंने कुछ जगहों पर नामांतरण पर रोक लगवाई है। निशांतवरवड़े, कलेक्टर
^इस इलाके में नए बायपास तक टीएंडसीपी से परमिशन नहीं होती है। यहां आप डायवर्जन के बाद नजूल से एनओसी लेकर मकान बना सकते हैं। सभी यही कर रहे हैं। नामांतरण और रजिस्ट्री में कोई दिक्कत नहीं है। पंकजसिंह, पार्टनर, आदर्श सिटी, विदिशा रोड
अयोध्या बायपास के पास विकसित हो रही अवैध कॉलोनी श्री राधाकृष्णपुरम् फेज टू।