नर्मदा टैक्स की रकम लौटाने पर लगी रोक
इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर | भोपाल
बिल्डिंगपरमिशन पर नगर निगम द्वारा वसूले गए नर्मदा टैक्स की 40 करोड़ रुपए की राशि वापस करने के हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को रोक लगा दी। कोर्ट ने मामले की अपील की सुनवाई होने तक इस रकम को तीन साल के लिए टर्म डिपॉजिट करने के भी आदेश दिए हैं, ताकि फैसला आने पर ब्याज का नुकसान हो।
जबलपुर हाईकोर्ट ने बिल्डरों के एसोसिएशन क्रेडाई की याचिका पर सुनवाई करते हुए 13 जनवरी को नर्मदा के पानी की सप्लाई के एवज में बिल्डिंग परमिशन पर लगाए गए नर्मदा टैक्स को निरस्त करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने इसे अवैध करार देते हुए नगर निगम को टैक्स के रूप में वसूले गए 34 करोड़ रुपए और इस पर 9 फीसदी की दर से पेनाल्टी की 6 करोड़ रुपए की राशि भी लोगों को वापस करने का आदेश दिया था। इस पर नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने अपील मंजूर करते हुए केस का फैसला होने तक इस राशि को लौटाने पर रोक लगा दी।
^सुप्रीम कोर्ट ने रकम वापस करने के मामले में नगर निगम को अंतरिम राहत दी है, लेकिन यह राहत नई बिल्डिंग परमिशन पर नर्मदा टैक्स लगाने के मामले में नहीं है। निगम प्रशासन नई बिल्डिंग पर नर्मदा टैक्स नहीं लगा सकता है।\\\' सिद्धार्थराधेलाल गुप्ता, अधिवक्ता