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यादव के राज्यपाल बने रहने पर उठने लगे सवाल
व्यापमंघोटाले में ओएसडी धनराज (फिलहाल जेल में) के बाद अपने बेटे शैलेष यादव का नाम आने पर राज्यपाल रामनरेश यादव के पद पर बने रहने को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। कांग्रेस पहले भी राज्यपाल को आरोपों के कठघरे में खड़ा कर चुकी है। अब भाजपा ने भी उन पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने कहा कि गवर्नर के पुत्र का इस घोटाले में शामिल होना दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस नेता अजय सिंह ने राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच साठगांठ होने का आरोप लगाया है। हालांकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान ने कहा कि यदि राज्यपाल के पुत्र ने कहीं पिता के नाम का दुरुपयोग किया है तो सामने जाएगा। कानून अपना काम कर रहा है। मालूम हो कि जब धनराज को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था, तब राज्यपाल यादव ने एक बयान में कहा था कि उन पर लगे आरोप साबित हो जाएं तो वे फांसी पर चढ़ने को तैयार हैं। जाहिर है घोटाले में बेटे का नाम आने से यादव पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ सकता है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शर्मा ने कहा कि राज्यपाल के पुत्र का इस घोटाले में नाम आने पर जिस निष्पक्षता और पारदर्शिता से कार्यवाही होनी थी, वह नहीं हो रही है, जो अच्छे संकेत नहीं है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच सांठगांठ तब से है, जब कांग्रेस विधायक दल विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया था। उन्होंने कहा कि इतने संवेदनशील मामले में भाजपा क्यों चुप है, जनता समझ रही है। इन आरोपों को लेकर राज्यपाल की प्रतिक्रिया लेने के लिए कई बार राजभवन में संपर्क किया गया, लेकिन प्रमुख सचिव विनोद सेमवाल फोन पर उपलब्ध नहीं हो पाए। कांग्रेस के विधायक डॉ. गोविंद सिंह ने भी व्यापमं घोटाले में राज्यपाल की भूमिका पर संदेह व्यक्त किया है।
यह है मामला
राज्यपालरामनरेश यादव के बेटे शैलेष यादव पर संविदा शिक्षक भर्ती मामले में शामिल होने का आरोप लगा है। आरोप है कि शैलेष यादव भी इसी गिरोह का हिस्सा थे। यह खुलासा एसटीएफ द्वारा हाल ही में सीजेएम पंकज सिंह माहेश्वरी की अदालत में पेश किए गए पूरक चालान में हुआ है। इसमें कहा गया है कि शैलेष के माध्यम से कुछ उम्मीदवारों के नाम, रोल नंबर और तीन लाख रुपए व्यापमं के अधिकारियों और कर्मचारियों को भिजवाए थे। वहीं, इस घोटाले के मुख्य आरोपी पंकज त्रिवेदी और नितिन महिंद्रा भी एसटीएफ के समक्ष बयान दे चुके हैं कि कम से कम तीन भर्तियां राजभवन की सिफारिश पर की गई हैं।
यहकहा था राज्यपाल ने
व्यापमंघोटाले में मेरे खिलाफ झूठा आरोप लगाया जा रहा है। समाज में मेरी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। अगर आरोप साबित हो जाएं तो अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा। मैं फांसी पर भी चढ़ने को तैयार हूं।
(1जुलाई 2014 को पुरानी विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्यपाल रामनरेश यादव का बयान)