पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • हैलो, अब कौन करेगा हमारी मदद

हैलो, अब कौन करेगा हमारी मदद

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
महिलाओं की सुरक्षा और मदद को अपनी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखने का दावा करने वाली राज्य सरकार अपनी ही हेल्पलाइन नहीं चला पा रही है। इसके पीछे वह महिला पुलिस फोर्स की कमी का बहाना बना रही है।

पतिकी प्रताड़ना से परेशान शाहपुरा निवासी सुलभा देशपांडे ने गत जुलाई में महिला हेल्पलाइन में शिकायत की थी। वहां से उन्हें पति को परामर्श में बुलाने का आश्वासन दिया गया था। चार माह बीत गए, लेकिन अब तक कोई नोटिस अाया फोन कॉल। मंगलवार को पति ने फिर सुलभा के साथ मारपीट की। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 1091 पर कॉल किया तो कोई रिस्पांस नहीं मिला। सुलभा की तरह अनेक पीड़िताओं के साथ यही परेशानी पेश रही है।

करीब तीन महीने पहले हेल्पलाइन को हबीबगंज थाने से महिला थाने शिफ्ट कर दिया गया है, जहां इस पर आने वाले काॅल रिसीव ही नहीं किए जा रहे। यह गंभीर लापरवाही ऐसी सेवा के साथ हो रही है, जिसे खुद मुख्यमंत्री ने शुरू किया था। इधर, भोपाल पुलिस के अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि महिला पुलिस अधिकारियों की कमी के कारण उन्हें यह सुविधा बंद करना पड़ी। जबकि भोपाल पुलिस के पास 218 महिला अधिकारियाें और कर्मचारियों का स्टाफ है।

194 प्रधानआरक्षक और आरक्षक

17 सबइंस्पेक्टर

06 इंस्पेक्टर

01 डीएसपी

2014 जुलाई तक

36

2013

1308

2012

1478

2011

1543

यह स्थिति तब है, जब भोपाल में 218 महिला पुिलसकर्मी हैं

04 वर्षाेंमें

05 महीनेमें ही बंद हो गई िनर्भया-टू

8,735 महिलाओंकी मदद की इस हेल्पलाइन

2

1

हमारे पास फोर्स कम

^महिलाहेल्पलाइन क्यों बंद हो गई, इसकी जांच कराई जाएगी। निर्भया पेट्रोलिंग-2 बंद करने की बड़ी वजह महिला पुलिस अधिकारियों की कमी है। डीश्रीनिवास वर्मा, डीआईजी,भोपाल

निर्भया-टू

अच्छे रिस्पांस पर हुई थी शुरू

हेल्पलाइन 1091

चार साल पहले शुभारंभ