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रेस्टोरेंट कैप्टन तो बन नहीं पाया वेटर की नौकरी भी हाथ से गई

7 वर्ष पहले
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सूरत के अस्पताल में करवाया मेडिकल टेस्ट

चांदबड़,द्वारिका नगर निवासी 20 वर्षीय सागर इंगले के मुताबिक बारहवीं परीक्षा पास करने के बाद उसने होटल मैनेजमेंट से डिप्लोमा कर लिया था। इसके बाद वह होटल जहांनुमा में स्टीवर्ड की नौकरी करने लगा। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में उसने एक अखबार में सी हॉर्स मरीन शिपिंग कंसल्टेंसी कंपनी का विज्ञापन देखा था। उसने कंपनी के डीआईजी बंगला स्थित दफ्तर पहुंचकर जानकारी ली तो उससे दो हजार रुपए कंसल्टेंसी फीस के रूप में जमा करवा लिए गए। इसके बाद उसे 23 अगस्त को सूरत स्थित अमरदीप अस्पताल भेजा गया। यहां डॉक्टर मुंगरा ने उसका मेडिकल परीक्षण किया। इसके एवज में डॉक्टर के पास उससे साढ़े छह हजार रुपए जमा करवाए गए।

दफ्तरमें मिला ताला

सागरने बताया िक उसे फाइव स्टार क्रूज में रेस्टोरेंट कैप्टन के पद पर सलेक्ट किया गया था। 15 सितंबर को उसे मुंबई में ट्रेनिंग के लिए जाने का कहा गया था। इससे पहले जब वह कंपनी के दफ्तर पहुंचा तो वहां ताला लटका मिला। सागर के अलावा शिकायत करने वालों में सैकड़ों उम्मीदवार हैं।

कंसल्टेंसी कंपनी पर मामला दर्ज

नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी