जेल ललिता...
जेल ललिता...
कोर्टने जयललिता के साथ-साथ उनकी सहेली शशिकला, बेदखल दत्तक पुत्र वीएन सुधाकरन और भतीजी इलावरसी को भी दोषी ठहराया है। इन तीनों को 4-4 साल की जेल और 10-10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। फैसले के लिए बेंगलुरू के बाहरी इलाके परप्पाना अग्राहारा स्थित केंद्रीय जेल में अस्थायी अदालत बनाई गई थी। विशेष जज जॉन माइकल डिकुन्हा ने फैसला सुनाया। सजा सुनाते ही पुलिस ने जयललिता को हिरासत में ले लिया। लेकिन उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। मामला तमिलनाडु का है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की सुनवाई पड़ोसी राज्य कर्नाटक के बेंगलुरू में हो रही थी।
दोनोंही बार सितंबर में ही फैसला : 2001भी सितंबर में ही सुप्रीम कोर्ट ने जयललिता के खिलाफ फैसला सुनाया था। और उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी गवांनी पड़ी थी। इस बार भी सितंबर में ही फैसला आया है।
बदमाशोंने पुलिसकर्मियों को...
इसीजानकारी के आधार पर एसटीएफ की टीम भोपाल पहुंची थी। शनिवार रात भोपाल क्राइम ब्रांच के कांस्टेबल राघवेंद्र पांडे के साथ यूपी एसटीएफ की टीम अलकापुरी की ओर जा रही थी, तभी हबीबगंज अंडरब्रिज के पास वाइन शॉप के सामने खड़े आशु और उसके साथियों ने एसटीएफ के एसआई संदीप के सीने और पेट पर गोली मार दी। राघवेंद्र ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो उन पर भी फायर किया। गोली राघवेंद्र के हाथ को छूते हुए उनकी पसलियों में फंस गई। घटना के बाद बदमाश सफेद स्विफ्ट डिजायर कार में सवार होकर फरार हो गए। कार में दिल्ली की नंबर प्लेट लगी हुई थी। वारदात के बाद पूरे शहर में नाकेबंदी कर दी गई थी लेकिन रात एक बजे तक बदमाश पुलिस के हाथ नहीं लगे थे।
दोनोंकी हालत गंभीर : नर्मदाअस्पताल की डायरेक्टर डॉ. रेणु शर्मा ने बताया कि संदीप के सीने पेट में और राघवेंद्र की पसलियों में गोली फंसी हुई है। उनका ऑपरेशन किया जा रहा है। दोनों को लंग इंफेक्शन का खतरा है।
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