नगर िनगम चुनाव
महापौर आरक्षण की कवायद शुरू 15 अक्टूबर तक होगी लाॅटरी
राजधानी समेत प्रदेश के 377 नगरीय निकाय के नवंबर-दिसंबर में होने वाले चुनावों के लिए राज्य शासन ने महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष पद को आरक्षित करने की कवायद शुरू कर दी है। शासन ने सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों से परिसीमन के बाद आबादी के आंकड़े बुलाए हैं। इन आंकड़ों के आधार पर अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का आरक्षण किया जाएगा। इसके बाद बचे हुए निकायों में लाॅटरी के जरिए अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए नगरीय निकाय आरक्षित किए जाएंगे। संभवत: 15 अक्टूबर तक आरक्षण के लिए लाॅटरी निकाली जाएगी।
नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग के मुताबिक परिसीमन की वजह से वर्ष 2011 की जनगणना में शहरी आबादी में इजाफा हुआ है। लिहाजा इस बार एससी एसटी के लिए नए सिरे से आरक्षण किया जा रहा है। मुरैना और छिंदवाड़ा को नगर निगम का दर्जा मिलने के कारण अब प्रदेश में 16 नगर निगम हो गए हैं। इनमें एससी एसटी की आबादी के प्रतिशत के हिसाब से महापौर पद आरक्षित किए जाएंगे। इसके बाद चक्रानुक्रम के फार्मूले का उपयोग कर अभी अनारक्षित रहे नगर निगम को महिला महापौर और ओबीसी के लिए आरक्षित किया जाएगा। जहां चक्रानुक्रम नहीं लगेगा, वहां लाॅटरी के जरिए आरक्षण का फैसला होगा।
सूत्रों के मुताबिक इस बार तीन नगर निगम में महापौर का पद एससी एसटी के लिए आरक्षित हो सकता है। भोपाल नगर निगम में यह पद एससी एसटी वर्ग में आरक्षित होने की संभावना नहीं है। जबकि चार नगर निगम में ओबीसी महापौर होगा।
भोपाल का महापौर पद आरक्षित होने की संभावना नहीं
वार्ड आबादी %
8410.75
85 9.13
26 8.85
वार्ड आबादी %
6344.47
59 38.43
47 35.67
53 30.83
11 29.53
10 29.44
28 29.03
83 28.01
80 28.00
81 27.99
82 27.82
50 24.20