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प्रवासी भारतीयों को एंट्री टैक्स में मिलेगी छह साल की छूट
प्रवासीभारतीयों को राज्य में उद्योग लगाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार विशेष राहत देने जा रही है। उन्हें यह राहत प्रवेश कर में एक साल की अतिरिक्त छूट के रूप में मिलेगी। प्रदेश में लगने वाले नए उद्योगों को पांच साल के लिए प्रवेश कर में छूट मिलती है। यह छूट प्रवासी भारतीयों के लिए छह साल की होगी। अगले माह होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के चलते सरकार ने हाल ही में उद्योग संवर्धन नीति में यह प्रावधान किया है, ताकि ज्यादा विदेशी पूंजी को आकर्षित किया जा सके। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में करीब 50 प्रोजेक्ट हैं, जिनमें दुबई, सिंगापुर और दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले प्रवासियों ने पूंजी लगाने में रुचि दिखाई है। सरकार ने इसके लिए थ्रस्ट(तेजी से विकसित हो रहे) सेक्टर की सूची तैयार की है। इसमें टेक्सटाइल, हर्बल, कृषि, शहरी एवं औद्योगिक अपशिष्ट प्रसंस्करण, खाद्य प्रसंस्करण, बॉयोटेक इंडस्ट्री और बॉयो-टेक्नालॉजी ऑटोमोबाइल उद्योगों को शामिल किया है।
किस वस्तु पर कितना है एंट्री टैक्स
- सीमेंट, पेंट, समेत मोटर व्हीकल पार्ट्स पर 13 प्रतिशत वैट लगता है, जिसमें 2 प्रतिशत राशि एंट्री टैक्स के हैं।
- कापर से बने सामान, मिनरल, एल्युमिनियम, फर्टिलाइजर पर वैट पांच प्रतिशत है। इन सभी वस्तुओं पर एक प्रतिशत एंट्री टैक्स लगता है।
- कोयला पर 5 प्रतिशत वैट लगता है जिसमें प्रवेश कर तीन प्रतिशत है।
- आयरन स्टील और स्टील पर वैट 5 प्रतिशत है, जिस पर एंट्री टैक्स 2 प्रतिशत है।
यह रहेगी शर्त
सरकारछह साल की एंट्री टैक्स छूट उन्हीं प्रोजेक्ट को देगी, जिनमें 25 करोड़ का न्यूनतम निवेश हो और उनमें प्रवासी भारतीय की हिस्सेदारी 51% या उससे अधिक हो।
पंद्रहसौ करोड़ रुपए होती है प्रवेश कर से आय
राज्यसरकार को प्रवेश कर से हर साल 1500 करोड़ रुपए की आय होती है। सरकार के आकलन के हिसाब से नए लगने वाले उद्योगों को एंट्री टैक्स से छूट दिए जाने से उसे हर साल लगभग 500 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। इस राशि की भरपाई उद्योग विभाग वाणिज्यिक कर विभाग को करेगा।
{शुरु होने वाले नए उद्योगों के लिए कच्चे माल की खरीदी के लिए पांच वर्षों के लिए प्रवेश कर की छूट दी गई है, जो प्रवासी भारतीयों के मामले में छह साल रहेगी।
{कृषि आधारित एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में 100 करोड़ से अधिक और पांच सौ करोड