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गांधी टोपी पहनकर लीं डिग्रियां

7 वर्ष पहले
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चारसाल मौज-मस्ती करने के बाद अब बारी है सुनहरा भविष्य बनाने की। जब स्टूडेंट्स ने अपने हाथों में डिग्रियां थामीं तब उनकी खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती थी। यह नजारा था मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) में गुरुवार को आयोजित 11वें दीक्षांत समारोह का। गांधी टोपी के साथ पारंपरिक परिधान के साथ स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में हुए इस समारोह में प्रसिद्ध साइंटिस्ट डॉ. एएस पिल्लई ने 1443 स्टूडेंट्स को डिग्रियां बांटी।

स्टूडेंट्सने शेयर किया सक्सेस फंडा

मैनिटकी ओवरऑल टॉपर सिटी की दिव्या शानमुघन रहीं। दिव्या वर्तमान में दिल्ली में जॉब कर रही हैं। हालांकि वे मैडल लेने नहीं पहुंच सकीं। कंप्यूटर साइंस (सीएस) ब्रांच के टॉपर आकाश ने बताया कि स्मार्ट स्टडी और गुड लिसनिंग स्किल ही सक्सेस फंडा है। एमएमसएमई ब्रांच के स्टूडेंट अभिनव पंसारी ने बताया कि हार्डवर्क ही सक्सेस की है। कैमिकल ब्रांच की टॉपर श्रृद्धा मंडलोई ने स्टडी के दौरान प्लानिंग और मैनेजमेंट से उन्होंने सक्सेस हासिल कीं। वहीं, सिविल इंजीनियरिंग ब्रांच के टॉपर सागर गोयल ने कहा कि मैनिट से उन्होंने दरियादिली सीखी।

कर्मयोगीबनो- समारोहमें आईआईटी कानपुर के पूर्व निदेशक प्रो. संजय गोविंद दांडे को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि प्रदान की गई। इस मौके पर उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा, ‘अब वक्त बदल गया है। इसलिए नॉलेज के साथ स्मार्ट वर्क पर फोकस करें। कर्मयोगी बनो। ग्रेजुएट होने के बाद लाइफ लॉन्ग लर्निंग शुरू होती है। वहीं, ब्रम्होस एयरोस्पेस लिमिटेड के फाउंडर सीईओ डॉ. एएस पिल्लई ने कहा कि अब इंडिया हाइपर सोनिक मिसाइल की टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है। उन्होंने स्टूडेंट्स को रिसर्च पर फोकस करने की बात कही। कार्यक्रम में मैनिट बोर्ड ऑफ गवर्नर, चेयरमैन प्रो. जीके मेहता और मैनिट के डायरेक्टर डॉ. अप्पू कुट्टन केके ने स्टूडेंट्स को डिग्रियां दी।

रुंधे गले से ली अर्पित की डिग्री

सीएस ब्रांच के स्टूडेंट्स अर्पित अग्रवाल की पिछले महीने ब्लड कैंसर से मौत हो गई थी। इंदौर के अर्पित की डिग्री उनके अंकल मुकेश गोयल लेने आए। डिग्री लेते वक्त रुंधे गले से उन्होंने कहा कि अर्पित की मां सविता और पिता दिनेश यहां आने की स्थिति में नहीं थे। अगर अर्पित आज यहां होता तो पूरा परिवार खुश होता।

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