पियानो से संगीत की अभिव्यक्ति
सिटीकी यंग पियानो प्लेयर अनुभूति जब िपयानो पर अपनी उंगलियां चलाती हैं तो उससे निकलने वाली क्लासिकल और वेस्टर्न धुनें सीधे मन को सात सुरों के रोमांच से सराबोर कर देती हंै। यह टैलेंटेड पियानो प्लेयर है आर्मी पब्लिक स्कूल में 11वीं की स्टूडेंट अनुभूति अग्निहोत्री है। अनुभूति भारत भवन में मंगलवार को क्लब लिटराटी की ओर से होने वाले प्रोग्राम \\\"रैप्सडी\\\' में वेस्टर्न क्लासिकल पियानो की परफॉर्मेंस देंगी।
16 वर्षीय अनुभूति बताती हैं, \\\"मेरे पापा देवेश अग्निहोत्री आर्मी में मेजर जनरल हैं और मम्मी सुरभि हाउसवाइफ हैं। उनके एप्रिसिएशन की वजह से ही मैंने पियानो सीखा। दरअसल, मैंने आठ साल की उम्र से सिंथेसाइजर प्ले करना शुरू किया था। मुझे उस पर पियानो के नोट्स बजाते देख मेरे टीचर ने पेरेंट्स को ट्रेनिंग देने की बात कही। उस दिन के बाद से टीचर केसास्प तबाक ने मुझे पियानो की ट्रेनिंग देनी शुरू की।\\\'
स्काइप पर ले रही हूं ट्रेनिंग
\\\'मेरे पियानो टीचर पुणे में हैं। रियाज और ट्रेनिंग स्काइप के जरिए चल रही है। साथ ही बीच-बीच में मैं 10 दिन के लिए पुणे जाकर अपने रियाज को गुरु के साथ चेक भी करती हूं। मेरी स्टडी भी चल रही है और म्यूजिक भी। मैंने 10वीं क्लास सीबीएसई में 10/10 सीजीपीए लिया। एक टाइम टेबल के साथ मैं दोनों को बैलेंस कर रही हूं।\\\"
कॉन्सर्ट को लेकर हूं एक्साइटेड
\\\'आर्मी के फंक्शन और स्कूल में परफॉर्म करने के बाद पहली बार भोपाल के सम्मानित मंच भारत भवन में परफॉर्म करने का मौका मिल रहा है। मैं लाइव कॉन्सर्ट को लेकर काफी एक्साइटेड हूं। भारत भवन में दुनिया के टॉप मोस्ट आर्टिस्ट परफॉर्म कर चुके हैं। मैं क्लब लिटराटी का शुक्रिया अदा करती हूं कि उन्होंने मुझे भारत भवन में परफॉर्म करने का मौका दिया। कॉन्सर्ट के लिए मैंने वेस्टर्न क्लासिकल पीस एकॉस्टिक पियानो पर तैयार किए हैं।\\\"
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