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यह है ऐशबाग स्टेडियम। यहां रोजाना कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय

Dainik Bhaskar

May 30, 2014, 05:48 AM IST

News - यह है ऐशबाग स्टेडियम। यहां रोजाना कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी प्रैक्टिस के लिए आते हैं। दूसरे...

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यह है ऐशबाग स्टेडियम। यहां रोजाना कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी प्रैक्टिस के लिए आते हैं। दूसरे चित्र में स्टेडियम का मुख्य द्वार।

शासन स्तर पर फैसला होगा

जो भी निर्णय होगा वह शासन स्तर पर होगा। इस संबध में प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है।

वीके सिंह, डायरेक्टर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग

सभी चीजें सौंप दें

कोर्ट के निर्णय के बाद खेल एवं युवा कल्याण विभाग हमें सभी चीजें सौंप दे तो हम शीघ्र ही औबेदुल्ला खां हॉकी गोल्ड टूर्नामेंट कराएं। इसके लिए हमने सभी टीमों से बात कर ली है, लगभग 15 टीमों की सहमति मिल चुकी है। जैसे ही हमें ट्रॉफी लौटा दी जाएगी, हम सभी टीमों को डेट देकर टूर्नामेंट शुरू करवा देंगे।

आई रहमान, सचिव, भोपाल हॉकी एसोसिएशन

जाहिद मीर :9826034586

भोपाल स्थित ऐशबाग स्टेडियम में आयोजित होने वाला औबेदुल्ला खां गोल्ड कप टूर्नामेंट एक बार फिर विवादों से घिर गया है। ऐशबाग स्टेडियम वर्ष 1931 में बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद यहां पर औबेदुल्ला खां गोल्ड कप टूर्नामेंट की शुरुआत हुई। इस टूर्नामेंट को भोपाल हॉकी एसोसिएशन कराता आ रहा था। लेकिन आपसी विवादों के कारण स्टेडियम की हालत जर्जर होती जा रही है और टूर्नामेंट के आयोजनों पर भी इसका असर पड़ रहा है।

एस्ट्रो टर्फ बिछाई गई

वर्ष 2002 के बाद स्टेडियम की देख-रेख न होने की वजह से यह खराब हो गया था और टूर्नामेंट भी रद्द कर दिया गया। वर्ष 2009 में खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने भोपाल हॉकी एसोसिएशन की सहमति से स्टेडियम में करोड़ों रुपए खर्च कर एस्ट्रो टर्फ बिछाई और टूर्नामेंट की एक बार फिर शुरुआत हुई।

हॉकी एसो. पहुंचा कोर्ट

इसके बाद यहां पर विवाद उत्पन्न होने लगे और भोपाल हॉकी एसोसिएशन ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग को न्यायालय में चुनौती दे दी। एसोसिएशन का कहना था कि स्टेडियम पर और टूर्नामेंट कराने का अधिकार हमारा है। इस पर न्यायालय ने वर्ष 2012 में निर्णय सुनाया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग तीन माह के अंदर हॉकी एसोसिएशन को बातचीत के माध्यम से सभी चीजें लौटा दे। खेल विभाग ने इस मामले में किसी तरह की चर्चा नहीं की।

इनकी है जवाबदारी

सबसे बड़ी बात यह है कि वर्तमान में इस स्टेडियम की जिम्मेदारी नगर निगम और खेल एवं युवा कल्याण विभाग की है। नगर निगम स्टेडियम क

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