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आधार कार्ड बने नहीं, मियाद पूरी, कैसे मिलेगी सब्सिडी

7 वर्ष पहले
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भोपाल. जिले के तीन लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को एक फरवरी से रसोई गैस सिलेंडर के पूरे दाम यानी १३३३ रुपए चुकाने होंगे। इसकी वजह है इन लोगों के आधार नंबर बैंक खातों से लिंक कराने के लिए तय डेडलाइन का ३१ जनवरी को खत्म होना। जिले में ५ लाख से ज्यादा रसोई गैस उपभोक्ता हैं।
इनमें से १ लाख ६५ हजार के ही आधार नंबर बैंक खातों से लिंक हो सके हैं। कई उपभोक्ताओं के तो आधार कार्ड ही नहीं बन सके हैं। ऑयल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि डेडलाइन में अभी और बढ़ोतरी नहीं की गई है। इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड(आईओसीएल) के सीनियर एरिया मैनेजर ओपी साहू ने कहा कि उन्हें अब तक अंतिम तारीख बढ़ाने संबंधी कोई सूचना नहीं मिली है।
३३.७ फीसदी के ही आधार लिंक हुए
आईओसीएल के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अभी 33.7 फीसदी उपभोक्ताओं के नंबर ही आधार से लिंक हो सके हैं। ५ लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं में से अभी करीब ६६ फीसदी उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके आधार नंबर उनके बैंक खातों से लिंक होना बाकी है। तीन दिन में यह काम होना नामुमकिन है। इनमें से सिर्फ इंडेन के ही ३ लाख ३० हजार उपभोक्ता हैं। बाकी भारत और एचपीसीएल के उपभोक्ता हैं।
परेशानी का सबब बनी डीसीबीटी स्कीम
जिन उपभोक्ताओं के बैंक खाते उनके आधार नंबरों से लिंक हो गए उनके लिए डीसीबीटी स्कीम परेशानी का सबब बन गई है। ऐसे कई उपभोक्ता हैं, जिनके खातों में तीन महीने से सब्सिडी की राशि नहीं नहीं पहुंची है। कुछ उपभोक्ता ऐसे भी हैं, जिन्हें सिलेंडर मिलने के एक महीने बाद भी न तो ऑयल कंपनी की ओर से मोबाइल पर मैसेज आया है और न ही बैंक अकाउंट में सब्सिडी पहुंची। आईओसीएल के कार्यालय में रोजाना 20 से 25 शिकायतें पहुंच रही हैं।
तीन महीने से खाते में सब्सिडी ही नहीं पंहुची
होशंगाबाद रोड स्थित सागर रॉयल विला निवासी भावना गोयल ने बताया कि उन्होंने 1 नंवबर को बुकिंग की थी, 4 नंवबर को सिलेंडर मिला, लेकिन अब तक उनके खाते में सब्सिडी नहीं पहुंची है। इस बीच उन्होंने बैंक की शाखा में भी संपर्क किया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। नेहरु नगर निवासी मीना गुप्ता की भी यही परेशानी है। शहर में ऐसे दर्जनों उपभोक्ता हैं, जिनके आधार नंबर बैंक खातों से लिंक होने के बाद से उन्हें रसोई गैस सब्सिडी की राशि नहीं मिली है।