एम्स अस्पताल शुरू होने से पहले ही छह डॉक्टर संस्थान छोड़ने की तैयारी में

8 वर्ष पहले
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भोपाल। राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का अस्पताल शुरू होने से पहले ही आधा दर्जन डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ने की तैयारी कर ली है। डॉक्टरों ने एम्स डायरेक्टर को फिलहाल इसकी मौखिक सूचना दी है। अस्पताल शुरू होने में लगातार हो रही देरी के कारण और डॉक्टर भी इसी राह पर चल सकते हैं।

इन डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें मनमाफिक काम नहीं मिल रहा है। वे सिर्फ ओपीडी तक ही सीमित हैं। एम्स भोपाल के ट्रामा एंड इमरजेंसी डिपार्टमेंट के एक डॉक्टर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ के अधिकारियों ने जुलाई-2013 में संस्थान के अस्पताल की शुरुआत होने का दावा किया था।

उन्होंने तब यह सोचकर एम्स ज्वाइन किया था कि सितंबर तक हर हाल में अस्पताल शुरू हो जाएगा, पर अब तक अस्पताल के बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम ही पूरा नहीं हो सका है। अगले दो महीने में पूरा होने की उम्मीद भी नहीं है। इस कारण उन्होंने अन्य संस्थान में नौकरी तलाशना शुरू कर दिया है।


देश के अन्य एम्स की स्थितिसभी जगह ओपीडी शुरू, डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने का सिलसिला भी जारी

रायपुर - 65 डॉक्टरों ने ज्वाइन किया। अस्पताल की शुरूआत में दो महीने और लगेंगे। नौकरी छोड़ने के मूड में एक भी डॉक्टर नहीं।

जोधपुर - 62 डॉक्टरों की नियुक्ति हुई। सभी ने ज्वाइन किया। ओपीडी में इलाज शुरू। अस्पताल शुरू होने में दो महीने और लगेंगे।

ऋषिकेष - 50 से ज्यादा डॉक्टरों ने ज्वाइन किया। पांच डॉक्टर अस्पताल शुरू नहीं होने पर नौकरी छोड़ गए। पांच ने नोटिस दिए।

पटना - 65 डॉक्टरों ने ज्वाइन किया। हॉस्पिटल ब्लाक में ट्रायल ओपीडी शुरू, अस्पताल नवंबर 2013 में शुरू करने की योजना।

भुवनेश्वर - 70 डॉक्टरों ने ज्वाइन किया। एक प्रोफेसर व एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने नौकरी छोड़ी। जून में ट्रायल ओपीडी शुरू हुई। अस्पताल साल के अंत तक शुरू करने की योजना।