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रोशनपुरा में स्थापित होगा एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन

6 वर्ष पहले
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भोपाल. मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी) अब देश के बड़े शहरों की तर्ज पर भोपाल में वायु प्रदूषण नापने के लिए आधुनिक प्रदूषण जांच केंद्र कंटीन्युअस एंबीएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (सीएएक्यूएमएस) शुरू करने जा रहा है।
इस स्टेशन के शुरू होने के बाद शहर में वायु प्रदूषण की पल-पल की जानकारी सार्वजनिक होगी। ये केंद्र प्रदूषण का स्तर चेक करने के साथ सारे आंकड़े रियल टाइम पर अपडेट करेगा। यह स्टेशन रोशनपुरा चौराहे पर स्थापित किया जाएगा। भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में भी स्टेशन की स्थापना की जाएगी।

पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार रोशनपुरा चौराहे पर वाहनों का सबसे ज्यादा दबाव रहता है, इसलिए मॉनिटरिंग स्टेशन यहां स्थापित किया जाएगा। ये अपने आसपास 200 मीटर क्षेत्र के प्रदूषण का स्तर डिजिटल स्क्रीन पर दिखाएगा।
लोगों को प्रदूषण के प्रति जागरूक करने के लिए अलग-अलग जगहों पर डिस्प्ले भी लगाए जाएंगे, जिससे लोगों को पता लग सके कि कितना प्रदूषण हो रहा है। एमपीपीसीबी के प्रवक्ता गुणवंत जोशी ने बताया कि स्टेशन में मौजूद इस सिस्टम की लागत 90 लाख रुपए है।

नेशनल एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोग्राम के अंतर्गत देश के 126 शहरों में 341 स्टेशन के माध्यम से प्रदूषण की जांच होती है, लेकिन आधुनिक सीएएक्यूएमएस कुछ ही शहरों में है। इनमें दिल्ली, चेन्नई, मुंबई, पुणे, कोलकाता, हैदराबाद, जयपुर के अलावा अन्य बड़े शहरों में मॉनिटरिंग स्टेशन से जांच होती है।
सीएएक्यूएमएस शुरू होने के बाद कार्बन मोनोऑक्साइड, बैंजीन, जाइलीन, ओजोन के साथ ही मौसम की जानकारी जैसे हवा की गति, दिशा और दबाव, तापमान और आर्द्रता का पता चल सकेगा।

शहर में अभी 5 जांच केंद्र
पीसीबी हमीदिया रोड, गोविंदपुरा, पर्यावरण परिसर, कोलार रोड और इंडस्ट्रियल एरिया मंडीदीप में वायु प्रदूषण की जांच करता है। सैंपल लेने के बाद प्रयोगशाला में इसकी जांच होती है। इसके बाद सल्फर डाइ ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और रेस्पायरेबल सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर का पता चलता है।
वायु में मौजूद धूल के कण और गैसों की मात्रा के आधार पर ही प्रदूषण के स्तर का पता चलता है। गुणवंत जोशी ने बताया कि प्रदूषण के आंकड़ों की रीडिंग समय-समय पर होती है, लेकिन अब ये आंकड़े ऑनलाइन भी देखे जा सकेंगे।