भोपाल. हबीबगंज नाका, अंडरब्रिज और आरआरएल तिराहे का बेतरतीब ट्रैफिक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रबंधन के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। एम्स का 500 बिस्तरों वाला अस्पताल दिसंबर में शुरू हो रहा है। प्रबंधन की चिंता यह है कि उसकी एंबुलेंस इन स्थानों पर रोजाना कई बार लगने वाले ट्रैफिक जाम में फंस सकती हैं। इसके गंभीर नतीजे मरीजों को भुगतना पड़ सकते हैं।
एम्स डायरेक्टर डॉ. संदीप कुमार ने इन सभी स्थानों पर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने तथा पुलिस प्वाॅइंट बढ़ाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को देने का निर्णय लिया है। डॉ. कुमार ने बताया कि भविष्य में संस्थान के आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने के आसार है। इसलिए वे खुद भी वैकल्पिक व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं।
हबीबगंज नाके से लेकर आरआरएल तिराहे तक ट्रैफिक जाम रोज की समस्या बन चुका है। रोजाना कई बार यहां जाम लगता है। जिसके चलते सैंकड़ों की संख्या में वाहन फंस जाते हैं। कई बार आधा घंटा या इससे ज्यादा समय तक ट्रैफिक जाम हो जाता है।
का मानना है कि ऐसे में जाम में एंबुलेंस सहित किसी अन्य वाहन से अस्पताल ले जाए जा रहे मरीज के साथ अनहोनी हो सकती है। इसके चलते डॉ. कुमार यह पांच अक्टूबर को कलेक्टर निशांत वरवड़े को सौंपा जाएगा।
होशंगाबाद रोड से पिपलिया पेंदे खां
आरआरएल तिराहे पर ट्रैफिक जाम होने पर एंबुलेंस को बाग सेवनिया तिराहे तक जाना होगा। यहां से एंबुलेंस अरविंद विहार कॉलोनी से पिपलिया पेंदे खां होते हुए एम्स के गेट नंबर तीन पर पहुंच सकती है। यह रास्ता नौ किमी का है। ऐसे में अस्पताल पहुंचने तक इमरजेंसी पेशेंट के लिए यह दूरी घातक सािबत हो सकती है।
साकेत नगर 2सी पर हो डायवर्ट
हबीबगंज फाटक पर ट्रैफिक जाम की स्थिति होने पर एंबुलेंस को साकेत नगर 2सी की ओर डायवर्ट किया जाए। इससे एंबुलेंस कॉलोनी के एप्रोच रोड से होते हुए सीधे एम्स के गेट नंबर चार तक पहुंच सकेगी।