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यूनिवर्सिटी को नहीं सरकार की कमेटी पर भरोसा, एक दूसरी कमेटी

9 वर्ष पहले
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भोपाल।


छात्राओं के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित जांच कमेटी पर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय प्रशासन को भरोसा नहीं है। यही वजह है कि मामले की जांच के लिए बीयू प्रशासन ने एक नई कमेटी बना दी है। ये कमेटी गुरुवार से अपनी जांच शुरू करेगी। उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए राजभवन ने कुलपति प्रो. निशा दुबे को तलब कर पूरे मामले की जानकारी ली।


बीयू परिसर में ३ जनवरी को दो छात्राओं से हुई छेड़छाड़ और मारपीट के मामले को उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। इसमें एक्सीलेंस कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. प्रमिला मैनी, सरोजनी नायडू की प्रिंसिपल डॉ. शोभना वाजपेयी मारू और एमएलबी कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. मंजुला शर्मा को शामिल किया गया है। कमेटी को एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट मंत्री को सौंपनी है। इस कमेटी की जांच शुरू हुए तीन दिन ही बीते थे कि बीयू प्रशासन ने एक नई कमेटी बनाकर जांच के आदेश दे दिए हैं। इसमें रिटायर्ड जिला न्यायाधीश प्रेमलता प्रधान और रिटायर्ड आईएएस प्रकाश चंद्रा को शामिल किया गया है। कमेटी को जांच करने के निर्देश रजिस्ट्रार संजय तिवारी ने दिए हैं। निर्देश में स्पष्ट उल्लेख है कि बीयू में छात्राओं से छेड़छाड़ नहीं, बल्कि छात्रों के साथ मारपीट हुई थी।

रजिस्ट्रार हूं, किसी को भी दे सकता हूं नोटिस


बीयू में पिछले एक सप्ताह से जारी घटनाक्रम को लेकर मीडिया ने जब रजिस्ट्रार से उनका पक्ष जानना चाहा तो वे भड़क गए। उन्होंने कहा कि मीडिया कोई उनका प्रशासनिक अधिकारी नहीं है, जो वे हर सवालों का जवाब दें। जब उनसे डॉ. शुक्ला को नोटिस जारी करने का आधार पूछा गया तो उनका कहना था कि वे रजिस्ट्रार हैं, किसी को भी नोटिस जारी कर सकते हैं।


किस आधार पर दिया नोटिस


महिला प्रोफेसर डॉ. आशा शुक्ला ने बीयू प्रशासन से मिले नोटिस का जवाब बुधवार को दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक जवाब देने से पहले उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन से पूछा है कि पहले रजिस्ट्रार ये बताए कि उन्होंने किस आधार पर उन्हें नोटिस दिया है। इसके लिए उन्होंने साक्ष्य भी मांगे हैं। डॉ. शुक्ला ने रजिस्ट्रार को जवाब और साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए तीन दिन का वक्त दिया है। यदि रजिस्ट्रार समय सीमा में नोटिस का जवाब नहीं देते हैं तो डॉ. शुक्ला रजिस्ट्रार पर मानहानि का दावा भी कर सकती हैं। हालांकि, डॉ. शुक्ला ने मीडिया को इस बारे में फिलहाल कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया।


छह आरोपी गिरफ्तार


बागसेवनिया पुलिस ने मामले के आरोपी बीयू आईटी के छात्र राहुल वर्मा सहित छह छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक राहुल घटना के दिन पार्क में पहले से ही मौजूद था।