भोपाल. हाईकोर्ट की बार-बार फटकार के बाद भी राज्य सरकार अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों की सहूलियत के लिए बनाए गए अपार्टमेंट एक्ट को लागू नहीं कर रही है। कोर्ट ने इस एक्ट को पूरे प्रदेश में लागू करने को कहा है, लेकिन सरकार ने सिर्फ 12 जिलाें में ही इसे नोटिफाइड किया है। यही नहीं, इसके क्रियान्वयन के लिए नियम भी तैयार नहीं किए हैं।
इस पर गुरुवार को हाइकोर्ट में हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस आलोक अराधे ने सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने छह अक्टूबर तक एक्ट को पूरे प्रदेश में लागू कर हलफनामा पेश करने का आदेश दिया है।
पूर्व डीजीपी अरुण गुर्टू द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि 14 साल बाद भी एक्ट को लागू क्यों नहीं किया गया? इसे लागू न करने से अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को पार्किंग, पार्क, लॉबी आदि की सुविधा के उपयोग में दिक्कतें आ रही है। श्री गुर्टू के वकील सिद्धार्थ राधेलाल गुप्ता ने पैरवी करते हुए कहा कि यह एक्ट पूरे प्रदेश के लिए बना था, लेकिन कुछ जिलों में ही इसे लागू करने का कदम असंवैधानिक है।
भोपाल में एक्ट लागू, नियम नहीं
भोपाल और इंदौर में मल्टीस्टोरीज इमारतों या अपार्टमेंट के लिए शासन ने मप्र प्रकोष्ठ स्वामित्व अधिनियम, 2000 (अपार्टमेंट एक्ट) को वर्ष 2012 में लागू किया है। इसके बाद सरकार एक्ट के पालन के लिए नियम बनाना भूल गई। इससे एक्ट लागू होने के बाद भी न तो सोसायटियों का गठन हुआ और न ही लोगों को कानूनी अधिकारों को उपयोग करने का मौका मिला है।
अभी क्या है दिक्कत
>नियम न होने से यह तय नहीं कि शिकायत कैसे करें। >प्राधिकारी किस तरह से फ्लैट मालिक, बिल्डर व सोसायटी के बीच का विवाद दूर करेगा।