भोपाल. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के पूर्व चेयरमैन डीपी अग्रवाल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरपीपीवी) काे विकास के लिए सलाह देंगे। विवि की कार्यपरिषद की सोमवार को हुई बैठक में मानद चेयर प्रोफेसर के पद के लिए अग्रवाल के नाम पर मुहर लगा दी गई। अग्रवाल ने 12 साल तक यूपीएससी को सेवाएं दी हैं।
कुलपति प्रो. पीयूष त्रिवेदी के अनुसार शिक्षा के क्षेत्र के जाने-माने चेहरे को इस पद के लिए चुना जाना था। सभी सदस्यों ने अग्रवाल के नाम पर सहमति जता दी है। अग्रवाल का काम यूनिवर्सिटी के तकनीकी विकास के लिए सही दिशा दिखाना होगा।
कार्यपरिषद में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें तय हुआ कि सामान्य प्रशासन विभाग की आेर से नया आदेश आने के बाद ही संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण पर कोई निर्णय लिया जाएगा। जबकि फिक्स्ड सेलरी पर काम कर रहे कर्मचारियों के वेतन में 22.3 प्रतिशत तक की वृद्धि के प्रस्ताव को कार्यपरिषद ने मान लिया है।
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले के तहत विवि ने हाल ही में कार दुर्घटना में मरने वाले एसजीएसआईटीएस इंदौर के प्रोफेसर डॉ. कार्तिकेय त्रिपाठी और डॉ. दुर्गेश जोशी के परिवार को दो-दो लाख रुपए की राशि देगा। बैठक में जबलपुर स्थित सीएसआईआर लैब को पीएचडी के लिए तीन साल तक का एक्सटेंशन दे दिया गया है। इसके साथ ही विवि जल्द ही इंडस्ट्री और कॉलेजों के बीच सर्वे शुरू करेगा। कार्यपरिषद की मंजूरी के बाद विवि सर्वे का खाका तैयार करेगा।