भोपाल. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) प्रदेश की इंडस्ट्रीज से पूछेगा कि उनके यहां किस तरह के इंजीनियरिंग छात्रों की जरूरत है। विवि इसके लिए प्रदेशव्यापी सर्वे करेगा। इसी आधार पर विवि अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई के सिलेबस में बदलाव करेगा।
विवि ने सर्वे का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे सोमवार को कार्यपरिषद की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
कुलपति प्रो. पीयूष त्रिवेदी ने कहा कि सर्वे से पता चलेगा कि इंडस्ट्रीज कैसेे इंजीनियर चाहती हैं। इससे छात्रों को इंडस्ट्री में अच्छी नौकरी मिल सकेगी। हाल ही में उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने भी इंजीनियरिंग कोर्सेस में एडमिशन की संख्या में आई गिरावट का सर्वे कराने की बात कही है।
मानद चेयर प्रोफेसर का भी प्रस्ताव
कुलपति के अनुसार कार्यपरिषद में मानद चेयर प्रोफेसर को भी नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा जा रहा है। इस प्रस्ताव के तहत विवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षाविदों की सेवाएं लेगा। मानद चेयर प्रोफेसर का काम विवि को विकास के लिए सुझाव देना होगा।
बैठक पर कर्मचारियों की भी नजर
पिछले तीन दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे विवि के कर्मचारियों ने कार्यपरिषद की बैठक के दौरान कुलपति का पुतला दहन करने की तैयारी की है। विवि कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष सुधीर शर्मा के अनुसार सोमवार को होने वाली बैठक में विवि कर्मचारियों के नियमितीकरण पर कोई फैसला नहीं लेता है तो कर्मचारी आंदोलन तेज करेंगे। रजिस्ट्रार एकेएस भदौरिया के अनुसार सोमवार को कर्मचारियों के मामले को लेकर स्थिति साफ हो सकती है।