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  • शीतकालीन सत्र: विधायक सौरभ ने खाई बच्चो की सौगंध, बोले नहीं चलाई रिवॉल्वर

विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान तीन घंटे तक होता रहा हंगामा

7 वर्ष पहले
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(नरौत्तम मिश्रा विधानसभा में।)
भोपाल. विधानसभा में मंगलवार को कटनी जिले के बहोरीबंद से कांग्रेस विधायक सौरभ सिंह से मारपीट के मामलों को लेकर तीन घंटे तक हंगामा होता रहा। कांग्रेस चाहती थी कि स्थगन के जरिए इस मसले पर चर्चा कराई जाए, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा ने हंगामे के बीच स्थगन को ही अस्वीकार कर दिया।
सौरभ सिंह ने इस दौरान अपने दोनों बच्चों की कसम खाते हुए कहा कि मैंने मनीष पाठक पर रिवाॅल्वर नहीं चलाई। उलटे मेरे साथ मारपीट की गई। मारपीट करने वाले 3-4 लोग इस समय दीर्घा में भी बैठे हैं। भाजपा विधायक संजय पाठक ने चचेरे भाई मनीष पाठक की ओर से सदन में बोलते हुए कहा कि सौरभ सिंह असत्य बोल रहे हैं।
सदन में इस बात को लेकर आरोप-प्रत्यारोप हुए तो विपक्ष के उपनेता बाला बच्चन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह व विधायक सुंदरलाल तिवारी की संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा, उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता, वनमंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार व विधायक विश्वास सारंग के साथ तीखी नोक-झोंक हुई। हंगामा बढ़ते देख अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को चर्चा के लिए अस्वीकार कर दिया।
बिजली के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने सरकार को घेरा

प्रश्नकाल में सत्ता पक्ष के विधायकों ने ही बिजली के मुद्दे पर सरकार को घेरा। खराब ट्रांसफार्मर बदले जाने में होने वाली देरी को लेकर विधायक नाराज थे। सारंगपुर विधायक कुंअर जी कोठार ने आरोप लगाया कि बिजलीकर्मी ट्रांसफार्मर बदलने और सुधारने के लिए रुपयों की मांग करते हैं। बैरसिया विधायक विष्णु खत्री ने ट्रांसफार्मर बदलने में होने वाली देरी पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि गेहूं के साथ घुन नहीं, बल्कि घुन के साथ गेहूं पिस रहा है।
सुरखी विधायक पारुल साहू ने कहा कि उनके क्षेत्र में कई अनियमितताएं मिलीं थीं। सत्ता पक्ष के विधायकों के इन आरोपों का कांग्रेस विधायकों ने भी समर्थन किया। कांग्रेस विधायकों मुकेश नायक, सुंदरलाल तिवारी, जीतू पटवारी आदि ने आरोप लगाया कि किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऊर्जा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने विधायकों को संतुष्ट करने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी विधायकों ने वॉक आउट कर दिया।
45 फीसदी राशि बिजली पर खर्च करेगी सरकार
राज्य सरकार अगले तीन माह में बिजली पर 3870 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यह राशि अनुपूरक बजट की कुल राशि का 45 फीसदी है। सबसे अधिक राशि 700 करोड़ रुपए टैरिफ सब्सिडी के लिए रखी गई हैं। बिजली के बाद 532 करोड़ रुपए त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। इसी तरह राज्य की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए 379 करोड़ रुपए ब्याज की अदायगी लोन के लिए रखे गए हैं।
वित्त मंत्री जयंत मलैया ने 8651 करोड़ रुपए का प्रथम अनुपूरक बजट मंगलवार को विधानसभा में पेश किया, जिस पर सदन में बुधवार को चर्चा होगी। अध्यक्ष सीतासरन शर्मा ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए ढाई घंटे का समय निर्धारित किया है। सरकार ने खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति विभाग के लिए 422 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
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