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अफगानी छात्रों ने बांग्लादेशी छात्र के हाथ बांधकर लात-घूंसों से पीटा फिर मारा चाकू

7 वर्ष पहले
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भोपाल. मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के हॉस्टल में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात अफगानिस्तानी छात्रों के समूह ने बांग्लादेश के एक छात्र के साथ मारपीट कर उसे चाकू मार दिया। उन्होंने बीच-बचाव की कोशिश कर रहे एक भारतीय छात्र को रॉड मारकर उसका सिर फोड़ दिया।
मैनिट प्रबंधन मामला दबाने में लगा हुआ है। उसने पुलिस को इसकी सूचना तक नहीं दी। किसी छात्र पर कोई कार्रवाई भी नहीं की। डायरेक्टर प्रो. अप्पू कुट्टन ने कहा है कि यह मामूली घटना है, जिसकी सूचना अफगानिस्तान और बांग्लादेश की एंबेसी को दे दी गई है।
घटना हॉस्टल नंबर एक की है। बताया गया है कि हॉस्टल में देर रात फर्स्ट सेमेस्टर के अफगानिस्तान के छात्र बातचीत कर रहे थे। इसी सेमेस्टर के बांग्लादेशी छात्र रफत ने उनसे धीरे बात करने को कहा। इस पर उनके बीच बहस हो गई।
अफगानी छात्रों ने अपने ही देश के कुछ सीनियर्स को फोन कर बुला लिया। करीब आठ सीनियर्स ने रफत सहित उसके साथियों को पकड़ लिया। उन्होंने रफत के हाथ बांध दिए और उस पर लात-घूंसे और चाकू से हमला बोल दिया। इस दौरान हॉस्टल में ही रहने वाले एक भारतीय छात्र ने बीच-बचाव की कोशिश की।
अफगानी छात्रों ने उसके सिर पर रॉड मार दी। रफत के हाथों पर चाकू से कई वार किए गए हैं। उसकी एक आंख सूज गई है। वह नाक के एक हिस्से से ही सांस ले पा रहा है। रफत को पहले एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे सीटी स्केन के लिए रेडक्राॅस अस्पताल रैफर किया गया था। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
आरोपी छात्रों ने दी जान से मारने की धमकी
प्रत्यक्षदर्शी छात्रों का कहना है कि मारपीट के दौरान वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड चुपचाप खड़े रहे। उनकी मौजूदगी में ही चाकू सहित अन्य हथियार लिए अफगानी छात्र मारपीट करते रहे। मैनेजमेंट से शिकायत करने या उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होने पर अफगानी छात्रों ने जान से मारने की धमकी दी थी। बताया गया है कि डायरेक्टर प्रो. कुट्टन ने आरोपियों को केवल समझाइश देकर छोड़ दिया है।
इसलिए दबाया मामला

शुक्रवार को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिटेशन (एनबीए) की टीम तीन दिन के दौरे पर मैनिट पहुंच गई थी। बताया गया है कि टीम के सामने मामला आने के डर से ही इस घटना को दबा दिया गया। इधर, प्रो. कुट्टन का कहना है कि यह मामूली घटना है। प्रो. कुट्टन ने दावा किया कि अफगानिस्तान और बांग्लादेश की एंबेसी ने भी यही सलाह दी है कि मैनिट प्रबंधन अपने स्तर पर मामला निपटा ले। उल्लेखनीय है कि मैनिट में पढ़ रहे विदेशी छात्रों में तीन बांग्लादेशी और 25 अफगानी शामिल हैं।
सुरक्षा गार्ड रख रहे छात्रों पर नजर
पता चला है कि प्रो. कुट्टन ने पीड़ित छात्रों को दो दिन में आरोपी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन मंगलवार तक उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। घटना के बाद मैनिट प्रबंधन ने आरोपी अफगानी छात्रों को हॉस्टल नंबर एक से हटाकर वीआईपी गेस्ट हाउस में रखा। फिर उन्हें एनर्जी सेंटर में शिफ्ट किया गया। इससे पहले वीआईपी गेस्ट हाउस में इन छात्राें पर नजर रखने के लिए सात-आठ सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए थे।
पुलिस को मिली थी विवाद की सूचना

कमला नगर टीआई कुंवर सिंह मुकाती के अनुसार मैनिट में उस रात विवाद की सूचना मिली थी। पुलिस पहुंची लेकिन छात्रों ने विवाद होने की बात से इनकार कर दिया। श्री मुकाती के अनुसार मैनिट प्रबंधन ने भी पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं दी है।