भोपाल. बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी ने एक ही एनरोलमेंट नंबर दो-दो छात्रों को जारी कर दिए हैं। ऐसे कई छात्र हैं, जिनका एनरोलमेंट नंबर किसी अन्य छात्र से मेल खा रहा है। इस गलती के कारण सैकड़ों छात्रों के परीक्षाओं से वंचित होने की नौबत आ गई है।
अभी तक 70 छात्रों की एनरोलमेंट नंबर में गड़बड़ी शिकायत आई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन इसे मानवीय त्रुटि मान रहा है। अब विवि के अफसर एक समान एनरोलमेंट वाले दोे छात्रों में से बाद में प्रवेश लिए छात्र को नया एनरोलमेंट नंबर देने की कवायद में लग गए हैं।
यूनिवर्सिटी की यह गलती तब सामने आई जब एमबीए और बीएड के छात्रों ने परीक्षा के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना शुरू किए। फॉर्म में एनरोलमेंट नंबर डालते ही कंप्यूटर स्क्रीन पर किसी और छात्र के एडमिशन की डिटेल आ गई।
छात्रों ने बताया कि जो एनरोलमेंट नंबर उन्हें दिया है, वही नंबर किसी अन्य स्टूडेंट को पहले ही आवंटित किया जा चुका है। गलती पकड़ में आने के बाद अधिकारी ऐसे छात्रों को फोन पर संपर्क कर विवि बुला रहे हैं।
फर्जी हो सकती है मार्कशीट
छात्रों का कहना है कि इस गड़बड़ी के कारण उनकी मार्कशीट के फर्जी घोषित होने की नौबत आ गई है। नियम के अनुसार एक छात्र को एक ही एनरोलमेंट नंबर जारी किया जाता है। यह परेशानी सबसे ज्यादा पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के स्टूडेंट्स के साथ आ रही है। खुद बीयू के ही अफसरों का भी मानना है कि जिस छात्र को पहले एनरोलमेंट नंबर जारी किया गया होगा, उसी की मार्कशीट मान्य की जा सकती है। विवि प्रशासन छात्रों के डाटाबेस की पड़ताल कर रहा है।
गलती की होगी जांच
बीयू की वेब सेल के को-आर्डिनेटर नंदन त्रिपाठी ने अब तक 70 से ज्यादा ऐसे प्रकरणों के सामने आने की पुष्टि की है। वहीं सूत्रों की माने तो यह संख्या सैकड़ों में है। सबसे ज्यादा प्रकरण एमबीए प्रथम सेमेस्टर के छात्रों के होना बताया जा रहा है। रजिस्ट्रार एलएस सोलंकी का कहना है कि इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि यह गलती किस स्तर पर हुई है।