भोपाल. शहर में आए दिन वारदातें हो रही हैं। बदमाश सड़कों पर और घरों में घुसकर उन्हें अंजाम दे रहे हैं। कई मामलों में लोगों ने साहस के साथ उनका मुकाबला किया। बदमाशों के हमले में घायल होने के बावजूद उन्हें पकड़ा।
उन्हें भागने पर मजबूर भी कर दिया। जानकारों का कहना है कि लोगों की ऐसी सूझबूझ बदमाशों के हौसले पस्त कर सकती है। थोड़ी हिम्मत से काम लिया जाए तो बदमाश पर हमला करने सहित मिर्च पावडर के उपयोग जैसे तरीकों से काबू पाया जा सकता है।
हालांकि उनका कहना है कि बदमाशों के मुकाबले का तरीका वारदात के समय की परिस्थिति पर निर्भर करता है।
दैनिक भास्कर ने शहर में हुईं ऐसी वारदातों के समय बचाव के उपायों की पड़ताल कर रिटायर्ड पुलिस अफसरों से बात की। रिटायर्ड डीजी एससी अग्रवाल मानते हैं कि भोपाल में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। पुलिस की नाइट गश्त भी कारगर नहीं रही है। अब इन उपायों को अपनाना इसलिए भी जरूरी है।
अक्षिता अय्यर, बीबीए स्टूडेंट
सी/सेक्टर-2, शक्ति नगर निवासी अक्षिता को बीती 14 सितंबर को तड़के तीन बजे दरवाजे पर आहट सुनाई दी। उसने बगैर घबराए मम्मी-पापा को जगाया। चोर घर के भीतर था। बदमाश को परिवार ने घेरा तो उसने चाकू से हमला कर दिया। फिर भी परिवार ने हिम्मत नहीं हारी और बदमाश को भागने पर मजबूर कर दिया।
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