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डाउनलोड करेंभोपाल। भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने छह साल पहले फाइलों में दबी एक योजना की फिर से सुध ली है। बीडीए ने इसका नए सिरे से खाका तैयार किया है। हाल ही में इसे टीएंडसीपी से मंजूरी मिल गई है। मास्टर प्लान में मिसरोद से कटारा तक करीब साढ़े पांच किमी लंबी व 45 मीटर चौड़ी प्रस्तावित रोड के दोनों ओर 300 मीटर के क्षेत्र में इसे विकसित किया जाएगा।
बीडीए मास्टर प्लान की इस रोड का भी निर्माण करेगा। इसके निर्माण से नए बायपास के लिए वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। अगले छह महीने में जमीन मालिकों से करार करने के बाद इसे लॉन्च किया जाएगा। इस स्कीम में 531 एकड़ जमीन पर करीब 2800 प्लॉट काटने की तैयारी है। इस संबंध में बीडीए अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ सिंह ने बताया कि इस स्कीम से वाजिब दामों में शहर की आवासीय जरूरत पूरी हो सकेगी।
बीडीए बनाएगा रोड
होशंगाबाद रोड स्थित सी 21 मॉल के पास से मास्टर प्लान की इस रोड का निर्माण बीडीए शुरू करेगा। यहां से जाटखेड़ी, बगली, कटारा और बर्रई तक इस रोड को बनाया जाएगा। निर्माण के लिए बीडीए ने रोड की सीमा रेखा तय करने के लिए टेंडर निकाले हैं। जल्द ही निर्माण कार्य के लिए भी टेंडर निकाले जाएंगे।
देरी से बिगड़ा स्वरूप
देरी की वजह से इस योजना की प्लानिंग गड़बड़ा गई है। सी 21 माल के पास रोड के लिए जमीन नहीं बची है। इसके कारण बीडीए को दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं।
कटारा हिल्स से बर्रई तक करीब 10 मल्टीस्टोरीज बिल्डिंगें तन चुकी हैं। यही नहीं, तीन कॉलोनियां तो पूरी तरह बनकर तैयार हैं। इसी तरह कई अन्य स्थानों पर भी छोटे- छोटे प्रोजेक्ट आ चुके हैं, वहां भी बीडीए को समन्वित रूप से प्लानिंग करने में दिक्कत आई है।
व्यावसायिक गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार
एमपी नगर व न्यू मार्केट की तर्ज पर इस क्षेत्र में भी 40 एकड़में व्यावसायिक क्षेत्र का निर्माण किया जाएगा। यहां पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल समेत तमाम वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। सार्वजनिक व अर्ध सार्वजनिक क्षेत्र के लिए भी पांच-पांच एकड़ के प्लॉट रखे गए हैं।
नए सिरे से तैयार हो रही है योजना
सूत्रों के मुताबिक फाइलों में दबी इस योजना पर बीडीए के वरिष्ठ अफसरों की नजर एक साल पहले पड़ी। जब इसकी जांच करवाई गई तो पता चला कि योजना बनाने के बाद इस पर कोई काम ही नहीं किया गया। बल्कि इसकी आड़ में भूमाफिया सक्रिय हो गए हो गए और उन्होंने छोटे-छोटे हाउसिंग प्रोजेक्ट लांच कर दिए। लिहाजा बीडीए ने टीएंडसीपी की धारा 50(1) के तहत यहां नई स्कीम लाने के आशय की घोषणा की है।
इसके बाद जिन लोगों के यहां प्रोजेक्ट आ चुके थे, उनकी जमीन को छोड़कर बीडीए ने नए सिरे से स्कीम तैयार की। इसमें बीडीए को करीब 60 एकड़ जमीन छोडऩी पड़ी। इस कवायद में एक साल लग गया। बीडीए अपने तय नक्शे के अनुसार विकास करेगा। एयरो सिटी में मिली सफलता के बाद बीडीए भूअर्जन के बजाए इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। बीडीए के मुताबिक अगले छह महीने में आपसी करार को अंजाम देकर योजना लांच कर दी जाएगी।
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