भोपाल. व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा वर्ष 2012 में आयोजित मेडिकल प्रीपीजी परीक्षा में गड़बड़ी कर अपने भांजे को दाखिला दिलाने के आरोप में एसटीएफ ने राजधानी के एक प्रमुख बिल्डर को फरार घोषित करते हुए गिरफ्तारी के लिए उन पर एक हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है।
आरोप है बिल्डर ने व्यापमं के अधिकारियों से मिलीभगत कर अपने भांजे डॉक्टर प्रखर सिंघल काे प्रीपीजी परीक्षा में पास करवाया था। एसटीएफ ने प्रखर के पिता डॉ. कैलाश सिंघल पर भी एक हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। डॉ. सिंघल हरदा में प्रैक्टिस करते हैं।
एसटीएफ के मुताबिक डॉ. प्रखर सिंघल गांधी मेडिकल कालेज, भोपाल से आर्थोपेडिक्स में पीजी कर रहा है। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि उसका दाखिला व्यापमं के तत्कालीन प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट नितिन महिंद्रा के माध्यम से कराया गया था। इसमें प्रखर के पिता डॉ. कैलाश सिंघल के अलावा उसके मामा की भी भूमिका थी।
एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि इस मामले में बिल्डर को पहले कई मर्तबा नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे हाजिर नहीं हुए। इसके बाद ही उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। एसटीएफ ने प्रीपीजी-12 में हुई गड़बड़ी की नवंबर 2013 में एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में एसटीएफ प्रखर को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।