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डाउनलोड करेंइंदौर। पचास करोड़ की लागत से बने प्रशासनिक संकुल (कलेक्टोरेट) के घटिया निर्माण की पोल दो साल में ही खुलने लगी। रविवार दोपहर यहां विकलांगों के लिए बने रैंप के ऊपर पहली मंजिल की 10 फीट लंबी सीमेंटेड मुंडेर गिर गई। शुक्र है छुट्टी का दिन था वरना कोई भी चपेट में आ जाता। इसके अलावा दीवार पर भी दरारें हैं।
पहले गिरी थी टाइल्स
एक माह पहले भी संकुल की दीवारों से टाइल्स गिरी थीं। इसे रोकने के लिए अधिकारी टाइल्स में स्क्रू लगवा रहे थे। इस संबंध में कलेक्टर ने इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) को घटिया निर्माण को लेकर सख्त पत्र लिखा था जिसकी जांच भी कछुआ गति से चल रही है। गौरतलब है कि भवन 2011 में तैयार हुआ था।
जिम्मेदार आमने-सामने
॥ दो साल पहले बने भवन में ऐसी घटनाएं नहीं होना चाहिए। आईडीए जांच नहीं करेगा तो हम कराएंगे।ञ्जञ्ज
-आकाश त्रिपाठी, कलेक्टर
॥कलेक्टर के पत्र पर चीफ इंजीनियर, चीफ सिटी प्लानर और एक्जीक्यूटिव इंजीनियर को जांच सौंपी है। मुंडेर गिरने की भी जांच करेंगे।
-दीपकसिंह, आईडीए सीईओ
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