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अनियमितताओं में फंसे हैं 15 कलेक्टर

9 वर्ष पहले
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भोपाल। मनरेगा के कामकाज में अनियमितताओं के मामलों में प्रदेश सरकार को 15 कलेक्टरों सहित 209 अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुईं थीं। इनमें 18 जिला पंचायत के सीईओ और 176 जनपद पंचायत सीईओ शामिल हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।


मप्र चौथे नंबर पर : गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने स्वीकार किया कि राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2011 में मप्र में 1326 किसानों ने आत्महत्या की। इनमें खेतीहर मजदूर भी शामिल हैं। विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा के प्रश्न के लिखित जवाब में गुप्ता ने माना कि किसानों की आत्महत्या के मामले में मप्र देश में चौथे नंबर पर है। एक अन्य मामले में विधायक राजेश कुमार वर्मा के सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी ने सरकार को निर्देश दिए कि विधायकों के पत्रों के जवाब 15 दिनों में दिलवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।


पांडेय की नियुक्ति की जांच होगी: भार्गव ने भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के एक प्रश्न के जवाब में कहा कि मप्र राज्य रोजगार गारंटी परिषद के उप संचालक एबी पांडेय की नियुक्ति की जांच होगी। जांच में गड़बड़ी साबित होने पर नियुक्ति निरस्त कर दी जाएगी।