भोपाल. भोपाल जिला को ऑपरेटिव बैंक के चुनाव स्थगित कराने की याचिका लगाने के कारण भाजपा ने बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय तिवारी को निलंबित कर दिया। विधानसभा चुनाव के बाद संगठन के आदेश पर इस्तीफा देने वाले तिवारी एक बार फिर बैंक अध्यक्ष बनना चाहते थे, लेकिन संगठन इसके लिए राजी नहीं था।
भाजपा ने इस बार पूर्व बैंक अध्यक्षों और संचालकों को मौका नहीं देने का निर्णय लिया है, इससे तिवारी सहित कई पूर्व बैंक अध्यक्ष सहमत नहीं हैं। करीब 500 करोड़ रुपए के टर्नओवर वाले भोपाल जिला सहकारी बैंक से 279 समितियों के माध्यम से एक लाख लोग जुड़े हुए हैं।
तिवारी ने भोपाल बैंक की मतदाता सूची में 34 नई समितियों के नाम जोड़े जाने के खिलाफ सहकारिता विभाग के अपर आयुक्त शैलेंद्र सिंह के समक्ष अपील की थी। तिवारी के अनुसार उन्हें रोकने के लिए अपात्र लोगों को सदस्य बना दिया गया।
उनकी याचिका पर सिंह ने चुनाव की प्रक्रिया रोकने और 90 दिन के भीतर मतदाता सूची में संशोधन करने के आदेश दिए। चुनाव अधिकारी मनोज गुप्ता ने चुनाव स्थगित करने की घोषणा कर दी।
षड्यंत्रकारी बताने पर अफसर नाराज , काम बंद की चेतावनी
अपर आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने अपने आदेश में सहकारिता उपायुक्त केके द्विवेदी, बैंक के सीएमओ आरके दुबे और मनोज गुप्ता की मतदाता सूची से संबंधित कार्रवाई को आपराधिक षड्यंत्र बताया है।
सहकारिता अधिकारी संघ के अध्यक्ष अशोक मिश्रा के अनुसार सिंह बिना किसी आधार के अफसरों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं और विवादित आदेश पारित कर रहे हैं। शैलेंद्र सिंह ने कहा कि उनका आदेश विधिसम्मत है और वे आदेश में व्यक्त राय पर कायम हैं। विभाग के प्रमुख सचिव अजित केसरी ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, विभाग के अफसरों ने उनसे कोई चर्चा भी नहीं की है।
जमीन घोटाला उजागर करने का नतीजा : तिवारी
तिवारी ने कहा कि उन्हें छह हजार करोड़ का जमीन घोटाला उजागर करने की सजा मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि वे संगठन के अनुशासित सिपाही हैं और प्रदेश अध्यक्ष से चर्चा कर मामले का पटाक्षेप करने का प्रयास करेंगे।