भोपाल. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और दिल्ली प्रभारी प्रभात झा का मानना है कि
दिल्ली विधानसभा चुनाव के रिजल्ट ने पार्टी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर मोदी की लहर दिल्ली में आकर क्यों रुकी?
पार्टी इस बात पर भी मंथन करेगी कि भाजपा दिल्ली की जनता का मूड क्यों नहीं समझ नहीं पाई? दिल्ली की चुनावी जंग झा के लिए भी महत्वपूर्ण थी, क्योंकि पार्टी ने दिल्ली का प्रभार दिया था। दिल्ली के परिणाम के बाद भास्कर से झा की बातचीत...
- क्या मोदी लहर दिल्ली में थम गई?
देश में मोदी की लहर नहीं बल्कि सुनामी है। ये दिल्ली में क्यों रुकी? इसके मूल्यांकन की आवश्यकता है।
दिल्ली चुनाव में पार्टी का डाउनफॉल क्यों हुआ? यह निश्चित ही गंभीर चिंतन का विषय है ।
- इन परिणामों से अमित शाह की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं, क्या कहेंगे?
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन के एक-एक कार्यकर्ता का चुनाव में उपयोग किया। मुझे लगता है कि पार्टी भांप नहीं पाई कि जनता का मूड क्या है ?
- क्या किरण बेदी को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने का निर्णय खिलाफ गया?
यह अभी कहना जल्दबाजी होगी। हां, जब हार का विश्लेषण होगा, तब यह बात भी सामने आ सकती है।
- केजरीवाल ने बुखारी का समर्थन नहीं लिया, लेकिन भाजपा ने बाबा राम रहीम का समर्थन लिया। इससे असर पड़ा?
हम सभी का समर्थन चाहते हैं। बाबा राम रहीम से समर्थन से फायदा हुआ या नुकसान? इस पर विचार होगा।