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ये हुई न बात! गोलघर में सुनेंगे नवाबी दौर के किस्से

Dainik Bhaskar

Jan 03, 2012, 04:27 AM IST

म्यूजियम में भोपाल रियासत काल की संस्कृति की भी दिखेगी झलक।

devlopment in bhopal museam golghar
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भोपाल। भोपाल के नवाबी दौर के इतिहास से आप जल्द ही रूबरू हो सकेंगे। शाहजहांनाबाद स्थित नवाब शाहजहां बेगम के समय बनी ऐतिहासिक इमारत गोलघर में जल्द ही एक म्यूजियम खोला जाएगा। यहां भोपाल रियासत काल के इतिहास के अलावा उस दौर की कला और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। पुरातत्व विभाग ने इसके लिए एक योजना तैयार की है। इस पर करीब 15-20 लाख रुपए खर्च होंगे। पुरातत्व विभाग के मुताबिक, नवाब शाहजहां बेगम ने गोल घर का निर्माण कराया था। इसके एक हिस्से में चिड़िया पाली जाती थीं। उस स्थान को अब भी कई लोग चिड़ीखाना के नाम से पुकारते हैं। यहां सोने-चांदी के तार फेंके जाते थे। चिड़िया इन तारों को चुनकर अपने घोंसले में लगा लेती थीं। रात के वक्त सोने-चांदी के तार से बुने गए चिड़ियों के घोंसले बेहद खूबसूरत नजर आते थे। अब केमिकल क्लीनिंग के जरिए पूरी बिल्डिंग को साफ किया जाएगा। इसके बाद पुराने जमाने में इस्तेमाल होने वाली तकनीक से यहां संरक्षण का काम होगा। पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय की उपसंचालक दीप्ति गार्गव ने बताया कि नवाबों के जमाने में जरी का काम अपने शिखर पर था। अब यह काम बहुत कम हो गया है। हम उस समय बनाए गए जरी-जरदोजी को म्यूजियम में प्रदर्शित करेंगे। जर्जर हालत में है अभी: अभी गोलघर की हालत बदतर है। चारों और गंदगी फैली है। जगह-जगह बिजली के तार लटके हुए हैं। कीलें ठोंकने से दीवारें कई जगह से खोखली हो चुकी हैं। गोलघर के गुंबद तक जाने के रास्ते बंद कर दिए गए हैं।

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