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आए थे तलाक लेने, समझाइश के बाद साथ-साथ घर लौटे

7 वर्ष पहले
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भोपाल. विनोद डोंगरे और उनकी पत्नी कविता शनिवार को अदालत में अलग-अलग पहुंचे थे, तलाक के मामले में सुनवाई के लिए। लेकिन अदालत की समझाइश के बाद वे दोनों एक साथ घर लौट गए।
शनिवार की मेगा लोक अदालत कविता और विनोद की जिंदगी में खुशियां लेकर आई और लंबे समय से एक दूसरे से अलग रह रहने के बाद वे फिर से अपना घर बसाने के लिए साथ-साथ लौट गए। डाेंगरे दंपती को मिली यह सौगात जिंदगी भर याद रहेगी। दरअसल विनोद और कविता के बीच तलाक का मामला चल रहा था, उनके दो बच्चे भी हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एपीएस चौहान ने बताया कि मेगा लोक अदालत में 21 हजार 419 मामलों का निराकरण हुआ और 19 करोड़ 14 लाख रुपए से अधिक के मुआवजा व समझौता राशि के आदेश किए गए।
शलोक अदालत में सिविल, क्रिमिनल, पारिवारिक विवाद, चैक बाउंस, प्री लिटिगेशन, लोक उपयोगी सेवाओं से संबंधित मामले, दुर्घटना दावा, बिजली चोरी, उपभोक्ता और को-ऑपरेटिव से संबंधित मामलों का निराकरण भी किया गया। राजस्व न्यायालय के आठ हजार, भोपाल गैस त्रासदी की खंडपीठ में 318 गैस दावों का निराकरण कर 5 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित करने के आदेश दिए गए।
सहकारिता में 86 मामलों का निराकरण हुआ, नगर निगम द्वारा तीन हजार से अधिक मामलों का निराकरण करते हुए छह करोड़ रुपए से अधिक की राशि वसूल की गई। जिला उपभोक्ता फोरम में 45 मामलों का और बीएसएनएल के 200 मामलों का निराकरण हुआ। लोक अदालत में बड़ी संख्या में लीगल वालंटियर सक्रिय रहे।
अदालत में सहकर्मी का मोबाइल चोरी करने वाले के मामले में समझौता 4 दिसंबर को
अदालत के महिला सहकर्मी का मोबाइल फोन चोरी करने के मामले में फरियादी महिला ने आरोपी के साथ समझौता कर लिया।
इस आधार पर अदालत में एडीजे बीएस भदौरिया ने मामला खत्म करने के आदेश दिए। दस दिन पहले एसीजेएम मनोज तिवारी ने आरोपी मिथलेश मिश्रा को यह लिखते हुए सजा दी कि थी यदि ऐसे व्यक्ति के साथ नरमी बरती तो समाज में गलत प्रभाव पड़ेगा।
आत्महत्या का प्रयास करने वालों को चेतावनी के बाद छोड़ा
पुलिस मुख्यालय के सामने आत्महत्या का प्रयास करने वाले बेबी बाई, संजय, सुनील और दीपक के मामले की सुनवाई लोक अदालत में हुई। मजिस्ट्रेट संजय कुमार सिंह ने इन सभी को चेतावनी देकर मामला खत्म करने के आदेश दिए। सभी आरोपियों ने 30 अगस्त 2014 को पुलिस मुख्यालय के सामने आत्म हत्या का प्रयास किया था।
पचास प्रतिशत की छूट भी नहीं लुभा पाई बकायादारों को
बीएसएनएल ने बकायादारों को लुभाने के लिए 50 प्रतिशत की छूट दी थी। इसके बावजूद उपभोक्ता लोक अदालत में नहीं पहुंचे। लोक अदालत में बीएसएनएल ने 7021 प्रकरण रखे। जिसमें से 4936 प्रकरण लैंडलाइन और 2085 मामले मोबाइल यूजर के थे।
इनसे 5 करोड़ 58 लाख रुपए वसूलने थे। बीएसएनएल के जीएम महेश शुक्ला ने बताया कि लोक अदालत में केवल 201 उपभोक्ताओं ने पहुंचकर कुल 9 लाख 84 लाख जमा कराए। वहीं उपभोक्ता फोरम में 200 प्रकरण रखे गए थे, उसमें से केवल 45 मामलों पर ही समझौता हुआ।