पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

एआईपीएमटी काउंसलिंग: डीएमई पर मेडिकल सीट बेचने का आरोप, हंगामा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भोपाल. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही एआईपीएमटी काउंसलिंग भी विवाद में आ गई है। इसमें छात्रों ने संचालक चिकित्सा शिक्षा (डीएमई) डॉ. एसएस कुशवाह पर सरकारी कोटे की सीटें ऑल इंडिया कोटे के छात्रों को अलॉट करने और कॉलेज संचालकों से सांठगांठ कर सीट बेचने का आरोप लगाया है।
इन सबके के बीच रविवार को छात्रों और उनके परिजनों ने काउंसलिंग नहीं चलने दी। केवल 13 छात्रों को सीट अलॉट करने के बाद सुबह 10 बजे से शुरू हुई प्रक्रिया दोपहर डेढ़ बजे रोकना पड़ी। वहीं, ऑल इंडिया कोटे के तीन छात्रों का सीट अलॉटमेंट भी निरस्त करना पड़ा।
कॉलेज संचालकों से सांठगांठ का आरोप

छात्र श्रीकांत जैन ने आरोप लगाया कि डीएमई ऑल इंडिया कोटे के छात्रों को मेरिट के मुताबिक सीट आवंटित कर रहे हैं। इंदौर की छात्रा आकृति कच्छाधारा ने डीएमई पर मप्र कोटे की सीटें कॉलेज संचालकों से सांठगांठ कर बेचने का आरोप लगाया है।
डीएमई ने कहा कि निजी कॉलेजों में सरकारी कोटे की सीटों पर ऑल इंडिया कोटे के छात्रों को एडमिशन देने का प्रावधान है। इसी आधार पर तीन छात्रों को सीट आवंटित की थीं, जो बाद में निरस्त कर दी गईं।
आज सुबह 11 बजे से फिर शुरू होगी काउंसलिंग
इधर, विरोध के बाद डीएमई ने काउंसलिंग सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी है। इससे पहले डीएमई और यूजी काउंसलिंग कमेटी के सदस्यों ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा अजय तिर्की को सीट आवंटन के दौरान छात्रों के द्वारा लगाए गए आरोपों पर स्पष्टीकरण दिया। सूत्रों के मुताबिक लॉ डिपार्टमेंट के अधिकारी सोमवार को प्रमुख सचिव काे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की डिटेल रिपोर्ट देंगे। इसके बाद काउंसलिंग शुरू होगी।