भोपाल. मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महापौर और पार्षदों के लिए आचार संहिता बनाई जाएगी। इसमें प्रावधान होगा कि वे नगर निगम में न तो खुद ठेके ले सकेंगे और न ही रिश्तेदारों दिलवा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी ने सदस्यता महाअभियान में यह फैसला लिया है। सीएम ने अपने निवास पर सोमवार को पार्टी के चौदह नगर निगमों के महापौरों को चाय पर आमंत्रित किया था।
उल्लेखनीय है कि सागर में चुनाव के दौरान पार्टी के महापौर और पार्षद का चुनाव लड़े प्रत्याशियों ने नगर निगम में ठेका न लेने का शपथ पत्र भरकर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्दी ही नगर निगम परिषदों के गठन के साथ विकास का दौर आरंभ होगा। इसमें हमें अपनी क्षमता का पूरा परिचय देना है। इधर, भोपाल के महापौर आलोक शर्मा ने कहा कि पार्टी के द्वारा महापौर और पार्षदों के लिए जो आचार संहिता बनेगी उसका पालन किया जाएगा।
गांधीनगर के लोगों को मिलेंगे आवासीय पट्टे : चौहान
नगर निगम चुनाव के बाद जनता का आभार जताने पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने हुजूर विधानसभा के गांधीनगर से जनदर्शन शुरू किया। सीएम ने भरोसा दिलाया कि सालों से रह रहे लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनके आशियाने को स्थाई पट्टे देकर मालिकाना हक दिया जाएगा।
गांधीनगर में हुई आभार सभा में मुख्यमंत्री ने गांधीनगर के समुचित विकास का वादा किया। हाथ ठेला वालों का सर्वे कर रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। सरकार उनके लिए ऐसी व्यवस्था करेगी, जिसमें हटाए जाने का डर नहीं होगा। निगम चुनाव में विकास पर विश्वास जताने के लिए मुख्यमंत्री ने आभार जताते हुए गांधीनगर का विकास प्लान बनाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि सभी को पट्टा मिले यह सुनिश्चित विधायक रामेश्वर शर्मा करेंगे। कार्यक्रम के शुरू में विधायक रामेश्वर शर्मा ने 68 साल से रहने के बाद हटाए जाने का डर और क्षेत्र की समस्याएं रखीं। कार्यक्रम में महापौर आलोक शर्मा, पार्षदगण कृष्ण मोहन
सोनी, राजकुमारी मीणा, भारती खटवानी सहित हजारों लोग मौजूद रहे।