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भोपाल रेलवे स्टेशन में दो करोड़ का ड्राइव-इन प्लेटफॉर्म, आती हैं सिर्फ नौ ट्रेनें

7 वर्ष पहले
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भोपाल. भोपाल रेलवे स्टेशन पर दो करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुए प्रदेश के पहले ड्राइव इन प्लेटफॉर्म का लाभ यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। इस प्लेटफॉर्म नंबर छह काे शुरू हुए करीब डेढ़ साल बीत चुके हैं लेकिन अन्य प्लेटफॉर्म पर अब भी पहले की ही तरह ट्रेनों का दबाव है। इस प्लेटफाॅर्म पर महज 9 ट्रेनें हाल्ट ले रही हैं, जबकि प्लेटफाॅर्म नंबर एक पर इससे चार गुना ज्यादा (37) ट्रेनें आ रही हैं।
इस प्लेटफॉर्म पर प्रीमियम ट्रेनों के लिहाज से ड्राइव-इन की सुविधा देने की बात कही गई, लेकिन ऐसी एक भी ट्रेन इस प्लेटफॉर्म पर नहीं आती है। प्रीमियम ट्रेन अब भी एक और दो नंबर प्लेटफॉर्म पर ही आ रही हैं। जबकि ड्राइव-इन की सुविधा के पीछे यह विचार था कि यात्रियों को ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचाया जा सके और अन्य प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाकर ट्रेनों के संचालन का बेहतर प्रबंधन किया जा सके।
छह नंबर प्लेटफाॅर्म पर ट्रेनों का आवागमन पिछले साल 13 अप्रैल से शुरू किया गया था। भोपाल रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी केके दुबे का कहना है कि प्लेटफॉर्म नंबर छह पर जल्द ही बाकी बचे काम शुरू किए जाएंगे।
पिछले साल बदला था शताब्दी का प्लेटफॉर्म
ड्राइव-इन बनने के बाद जून 2013 में शताब्दी एक्सप्रेस को छह नंबर प्लेटफाॅर्म पर शिफ्ट किया गया था, लेकिन अक्टूबर में ही ट्रेन काे फिर से एक नंबर पर लाना पड़ा। अब यह ट्रेन नई दिल्ली की ओर जाते समय प्लेटफॉर्म नंबर दो पर रुकती है। नई दिल्ली से हबीबगंज आते समय इसे एक नंबर पर लिया जाता है।
क्षमता न होने से प्रीमियम ट्रेन नहीं ले पा रहे

प्लेटफॉर्म नंबर छह को ड्राइव-इन बनाने के पीछेसोच यह थी कि यहां शताब्दी और राजधानी श्रेणी की ट्रेनों का स्टॉपेज रखा जाएगा। ऐसा नहीं हो सका। वजह यह कि इस प्लेटफॉर्म की क्षमता 17 कोच वाली ट्रेन की ही है, जबकि शताब्दी, राजधानी और संपर्क क्रांति श्रेणी की ट्रेनों में 17 से अधिक कोच लगाए जाते हैं।
अभी नहीं आती प्रीमियम ट्रेनें

वर्तमान में छह नंबर प्लेटफॉर्म पर भोपाल-दमोह राज्य रानी एक्सप्रेस, भोपाल-इटारसी विंध्याचल एक्सप्रेस, भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस, नागपुर-चंडीगढ़ साप्ताहिक एक्सप्रेस के अलावा भोपाल-बीना, भोपाल-उज्जैन, उज्जैन-भोपाल, छिंदवाड़ा-इंदौर पेंचवैली (सभी पैसेंजर) और भोपाल-जोधपुर फास्ट पैसेंजर ही ली जाती हैं।
रेलवे बजट देने में कर रहा देरी
रेलवे ने छह नंबर प्लेटफॉर्म पर 18 करोड़ रुपए की लागत से एसी बुकिंग ऑफिस, बजट होटल व फूड कोर्ट, रिटायरिंग रूम जैसी सुविधाओं की घोषणा की है। लेकिन रेलवे बजट उपलब्ध कराने में रुचि नहीं ले रहा है। उसने अब तक केवल साढ़े चार करोड़ रुपए ही दिए हैं। इसमें से एक करोड़ रुपए से शेड बनाए जाने हैं।