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डाउनलोड करेंभोपाल. लहारपुर स्थित कटारा हिल्स पर ईकोलॉजिकल पार्क के 15 हेक्टेयर क्षेत्र में दशमूल का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 15 हेक्टेयर भूमि पर 10 भूखंड बनाए गए हैं, जिसमें अभी 100-100, 10 औषधियों के पौधे रोपे गए हैं। इसमें 1-1 हजार पौधे रोपने का लक्ष्य है। इनमें से कई पौधे वह हैं जो प्रदेश में कहीं भी नहीं पाए जाते। इसके साथ ही 1695 हेक्टेयर में फैले वन मंडल के इस क्षेत्र को तीन भागों में बांटा गया है।
डिह्रश्वटी रेंजर श्रीधर वर्मा के अनुसार पहले भाग में लहारपुर, दूसरे में राजस्व मंडल व तीसरे में औषधि पौधे लगाए जा रहे हैं। दशमूल क्षेत्र में एक भूखंड पर एक ही प्रकार के औषधि पौधे रहेंगे। यह पौधे बड़े होने पर इसी औषधि के दूसरे पौधे रोपे जाएंगे। उन्होंने बताया कि चट्टानों के पहाड़ पर बन रहे इस पार्क को कड़ी मेहनत के बाद श्रमिक तैयार कर रहे हैं। दशमूल के पहले नक्षत्र वन रहा है, जहां राशि और गृह के अनुसार पौधे रोपे गए हैं। साथ ही नवग्रह का रूप पौधे रोपकर तैयार किया गया है।
रोगों के अनुसार इन पौधों का ज्यादा महत्व
मस्तिष्क रोग, हृदय रोग ब्लड प्रेशर, पेट, मिर्गी, सिर दर्द जैसी बीमारियों के लिए ब्राह्म, शंखपुष्पी, अर्जुन, देवशेमल, कालमेघ, चिरायता, गिलोय हडज़ोड़ अडूसा औषधि के पौधे रोपे गए हैं। नेत्र रोग, ठंड, कफ, बुखार, डायरिया, हैजा, ट्यूमर रोग का इलाज करने वाली गुलबकावली, सनाए व त्रिफला औषधि के पौधे रोपे गए हैं। इसके अलावा काले, नीले धब्बे, बहरापन, पायरिया आदि रोगों के काम आने वाली औषधि के पौधे भी रोपे जा रहे हैं।
मॉर्निंग वॉक के लिए भीड़
यहां मॉर्निंग वाक करने वालों के लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। बेहतर व्यवस्थाओं के कारण करीब 1हजार से ज्यादा लोग सुबह और शाम को मॉर्निंग वॉक के लिए आ रहे हैं। यह संख्या लगातार बढऩे के कारण यहां पाथ-वे बनाया जा रहा है, जिससे लोगों को चट्टान एरिया होने से घूमने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। 3 वर्ग किलोमीटर के इस पाथ-वे पर टाइल्स लगाई जा रही हैं।
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