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नियुक्ति घोटाला: शिक्षकों की भर्ती के लिए आठ से दस लाख रु. की रिश्वत

7 वर्ष पहले
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भोपाल . नवोदय विद्यालयों में भी शिक्षकों की नियुक्ति से लेकर छात्रों के प्रवेश में व्यापमं जैसा ही घोटाला चल रहा था। पिछले दिनों नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) के भोपाल स्थित रीजनल ऑफिस के सेवानिवृत्त डिप्टी कमिश्नर मो. कलीम के बाराबंकी स्थित घर पर सीबीआई छापे के बाद इसका खुलासा हुआ है। जांच में 80 शिक्षकों, 64 क्लर्क और स्टोरकीपर की फर्जी नियुक्ति का पता चला है।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 8 से 10 लाख जबकि क्लर्क की नियुक्ति के लिए 4 से 5 लाख रुपए की रिश्वत ली गई। सीबीआई को शिक्षकों के तबादले में भी बड़े पैमाने पर लेन-देन होने की आशंका है। 31 जनवरी को रिटायर होने के बाद से कलीम बाराबंकी में अपने पैतृक निवास पर ही रह रहे हैं।
एनवीएस का भोपाल रीजनल ऑफिस मप्र, छग और ओडिशा के करीब 100 नवोदय विद्यालयों को नियंत्रित करता है। अकेले प्रदेश में 50 और देश में 581 नवोदय विद्यालय हैं। फर्जी नियुक्ति के इस खेल में कुछ नवोदय विद्यालयों के प्राचार्यों और एनवीएस के नोएडा स्थित मुख्यालय के भी कुछ अधिकारी शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि सीबीआई कलीम के फोन रिकॉर्ड और दस्तावेजों की पड़ताल कर इन्हें भी आरोपी बना सकती है।
1989 में किया था 1 लाख 87 हजार का गबन
सीबीआई सूत्रों के अनुसार 1989 में कलीम ने नवोदय विद्यालय, इलाहबाद का प्राचार्य रहते हुए करीब 1 लाख 87 हजार रुपए का गबन किया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे बर्षों तक दबा कर रखा। कई बार शिकायत होने के बाद उन्हें 2012 में इस मामले में चार्ज शीट दी गई थी।
दस्तावेजों पर लगाया फ्लूड और किए फर्जी हस्ताक्षर
सीबीआई ने कलीम के निवास से जो दस्तावेज जब्त किए हैं, उनके अनुसार कलीम ने एनवीएस के असिस्टेंट कमिश्नर एपी वर्मा के फर्जी हस्ताक्षर किए और फ्लूड लगाकर मेरिट लिस्ट व अन्य दस्तावेजों में हेराफेरी की।