भोपाल. व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) अागामी सभी परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराने की तैयारी कर रहा है। इसकी शुरुआत उन स्कूलों और कॉलेजों को केंद्र बनाकर की जाएगी, जहां सीसीटीवी कैमरे की सुविधा उपलब्ध है। परीक्षा केंद्र बनाए गए कॉलेज के प्रबंधन को मंडल भुगतान की राशि भी बढ़ाकर देगा। इस राशि के भुगतान के लिए आवेदनों की फीस में वृद्धि की जाएगी। व्यापमं ने इसका प्रस्ताव बनाना शुरू कर दिया है।
हाल ही में उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने व्यापमं की समीक्षा के दौरान सुरक्षा के लिहाज से आगामी परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरे वाले केंद्रों पर ही कराने का सुझाव दिया था। इसके बाद व्यापमं ने आगामी परीक्षाओं के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों को अधिक संख्या में केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। राजीव गांधी प्रौद्याेगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) से संबद्ध लगभग सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।
अभी प्रति छात्र 100 रुपए का भुगतान होता है केंद्रों को
अभी व्यापमं की परीक्षाओं के लिए ज्यादातर केंद्र सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में ही बनाए जाते हैं। केवल उन्हीं परीक्षाओं के लिए प्रायवेट स्कूलों और कॉलेजों को केंद्र बनाया जाता है, जिनमें परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होती है। हालांकि व्यापमं सभी केंद्रों को प्रति छात्र के हिसाब से 100 रुपए का ही भुगतान करता है। वहीं परीक्षाओं के लिए आवेदनों की फीस 200 से 700 रुपए तक निर्धारित है।
संस्थानों को प्रोत्साहित करने के लिए करेंगे अधिक भुगतान
व्यापमं डायरेक्टर तरुण पिथोड़े के अनुसार जिन संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उन्हें पहले की अपेक्षा थोड़ा अधिक भुगतान कर बाकी संस्थानों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। डायरेक्टर का कहना है कि केंद्रों को भुगतान करने से व्यापमं का बजट बढ़ेगा। हो सकता है कि इसका असर आवेदनों की फीस पर भी पड़े। उन्होंने बताया कि केंद्रों को किए जाने वाले भुगतान और आवेदनों की फीस में संशोधन को लेकर जल्द ही कोई निर्णय लिया जाएगा।