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डाउनलोड करेंभोपाल। मेरी मां की मृत्यु के बाद पिताजी ने दूसरी शादी कर ली थी। इससे क्या मेरे पिता पर मेरा अधिकार खत्म हो गया। मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में आए एक युवक ने यह सवाल उठाया। उन्होंने कलेक्टर निकुंज श्रीवास्तव से शिकायत की है कि दूसरी शादी के बाद हुई संतानों को पिता की मृत्यु के बाद पेंशन व ग्रेच्युटी मिल रही है। जबकि पहली पत्नी के बच्चे इस अधिकार से वंचित हैं।
उन्होंने बताया कि उनकी मां का देहांत वर्ष 1980 में हो गया था। उसके बाद पिता ने वर्ष 1982 में दूसरा विवाह किया था। शिक्षा विभाग में कर्मचारी होने के कारण दूसरी पत्नी के दस्तावेज भी नामिनी के रूप में जमा किए गए, लेकिन मेरी मां का नाम हटा दिया गया। वर्तमान में मेरी सौतेली मां व उनके बच्चों के नाम ही रिकॉर्ड में दर्ज हैं, जबकि मुझे व मेरी दोनों बहनों को इस अधिकार से वंचित कर दिया गया है।
पेंशन, ग्रेज्युटी सहित सारी राशि दोनों पत्नियों के बच्चों में बंटने की बजाय सौतेली मां को ही दी जा रही है। नीलेश ने कलेक्टर से मांग की कि जब ऐसा है तो पहली पत्नी का पुत्र होने के नाते अनुकंपा नियुक्ति का हक उनका बनता है। इसलिए अनुकंपा नियुक्ति दिलाई जाए। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नीलेश गुप्ता पुत्र विजय कुमार गुप्ता के अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण को उनके समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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