भोपाल. शक्ति की साधना और आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र गुरुवार से शुरू होगा। पर्व का शुभारंभ सुबह शुभ मुहूर्त में घट स्थापना के साथ होगा। पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा होगी। इस बार अष्टमी व नवमी तिथि एक साथ होने से नवरात्र आठ दिन के होंगे। दशहरा तीन अक्टूबर को मनाया जाएगा।
इधर, शहर में 700 से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं विराजित होंगी। झांकी पंडालों में अलग-अलग राज्य व शहरों के प्रसिद्ध मंदिरों की झलक देखने को मिलेगी।
वहीं, देवी मंदिरों में भी तैयारियां अंतिम दौर में हैं। यहां विभिन्न अनुष्ठान होंगे। पंडितों का मत है कि सप्तशती व चालीसा आदि के नौ पाठ आठ दिन में पूरा करने के लिए अंतिम दिन दो बार पाठ करना सर्वोत्तम रहेगा।
>दो दिन सर्वार्थ सिद्धि योग : ज्योतिषी अंजना गुप्ता के अनुसार 27 सितंबर को सर्वार्थ सिद्धि योग सूर्योदय से प्रारंभ होकर रात 9.50 बजे तक रहेगा। जबकि 29 सितंबर को यह सूर्योदय से रात 10.05 बजे तक रहेगा।
>दशहरा पर अमृत सिद्धि योग: दशहरा का दिन अबूझ मुहूर्त वाला होता है। इस दिन वाहन व स्वर्ण आभूषण खरीदना उत्तम होता है। इस दिन शाम 5. 35 से अगले दिन 5.35 बजे तक अमृत सिद्धि योग रहेगा।
>बरखेड़ा में वृंदावन का प्रेम मंदिर और मैसूर पैलेस। बिट्टन मार्केट में बेंगलुरु का राधा-कृष्ण मंदिर। न्यू मार्केट में बैंगलुरु विशालाक्षी मंडप।
दुर्गा उत्सव समिति, मोती क्वार्टर्स टीला जमालपुरा द्वारा सजाई जा रही झांकी में ब्रह्मांड की झलक दिखाई देगी। इसमें तारा मंडल और नौ ग्रह भी होंगे। झांकी में सजे दरबार में नौ ग्रहों पर विराजमान नौ देवियां दिखेंगी।