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दो इमारतों ने रोका फ्लाईओवर, हर तीन महीने में बार-बार बदली डेडलाइन

7 वर्ष पहले
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भोपाल. बीआरटीएस के जीएडी क्रॉसिंग चौराहे वाले हिस्से में निर्माणाधीन फ्लाईओवर का काम डेढ़ साल पिछड़ चुका है। फ्लाईओवर के अधूरे काम की वजह से लगने वाला ट्रैफिक जाम अब आम समस्या बन गया है। फ्लाईओवर के पूरा होने में सबसे बड़ी बाधा बीएसएनएल भवन और दारुल शफकत की इमारतों के कुछ हिस्से को न हटा पाना है। इस फ्लाईओवर का काम मार्च 2013 में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन नगर निगम इन निर्माणों को नहीं हटा नहीं पा रहा है। नतीजतन हर तीन महीने बाद इसकी डेडलाइन बढ़ा दी जाती है।
बीआरटीएस के प्रभारी देवेंद्र तिवारी का कहना है कि बीएसएनएल के अधिकारियों से इस मुद्दे पर बात हो चुकी है। वे तैयार हैं। दारुल शफकत के प्रतििनधियों से जल्द बात करेंगे और फ्लाईओवर का काम दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
80 फीसदी काम पूरा
नगर निगम के मुताबिक फ्लाईओवर का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अब बस चौथी स्लैब डलनी बाकी है। इस स्लैब के डलते ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
खराब सर्विस रोड और ट्रैफिक जाम
निगम ने ट्रैफिक निकलने के लिए निर्माणाधीन फ्लाईओवर के दोनों ओर तीन से चार मीटर चौड़ी सर्विस रोड बनाई है। इस पर डामरीकरण नहीं किया गया है। इसके चलते यह गड्ढों में तब्दील हो गई है। इसी सड़क से अभी पूरा ट्रैफिक निकलता है। संकरी सड़क होने के कारण यहां सुबह 11 से 12 और शाम 4 बजे से रात आठ बजे तक कई बार आधे से एक घंटे तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है।
कलेक्टोरेट से काला दरवाजे तक निर्माणाधीन
15 करोड़ रुपए लागत
2009 में बनी योजना
2012 की जनवरी में शुरू हुआ काम
ऐसे बढ़ती रही डेडलाइन
मार्च 2013
जून 2013
सितंबर 2013
दिसंबर 2013
मार्च 2014
जून 2014
सितंबर 2014
दिसंबर 2014