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मप्र में चार बड़ी सौगातें: एयर इंडिया की भोपाल-दिल्ली सुबह की फ्लाइट फिर शुरू होगी

7 वर्ष पहले
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भोपाल. मध्यप्रदेश को हवाई सेवा के क्षेत्र में चार बड़ी सौगातें मिलने जा रही हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू की मौजूदगी में राज्य सरकार की एयर लाइंस कंपनियों के प्रमुखों के साथ गुरुवार को हुई बैठक में कई मुद्दों पर सहमति बन गई। इसके तहत एयर इंडिया की भोपाल-दिल्ली की फ्लाइट फिर से सुबह शुरू की जाएगी।
जेट एयरवेज की भोपाल-मुंबई फ्लाइट भी जल्द शुरू होगी, फिलहाल इसकी तारीख तय नहीं है। जबकि भोपाल से देश के अन्य शहरों के लिए हवाई सेवा शुरू करने पर इंडिगो अक्टूबर के पहले हफ्ते में फैसला लेगा। इसी तरह पवनहंस जल्दी ही जबलपुर व अन्य शहरों से टूरिस्टों को बांधवगढ़-कान्हा, खजुराहो व पेंच तक पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करेगा।
मप्र में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की संभावनाओं को तलाशने को लेकर राज्य सरकार ने विमान कंपनियों के प्रतिनिधियों व नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अफसरों की बैठक बुलाई थी। इससे पहले केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री गजपति सीआईआई की भोपाल इकाई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके बाद गजपति ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि मप्र में एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में विस्तार की अपार संभावनाएं हैं।
राज्य सरकार इस दिशा में काफी गंभीर है। एयरलाइंस कंपनियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर टैक्स में भी कमी की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि बैठक में मप्र के विभिन्न जगहों से देश के कई नगरों को विमानन सेवा से जोड़ने और भोपाल-इंदौर को इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक को सार्थक बताते हुए उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान उठाए गए मुद्दों पर विस्तार से अध्ययन कर निर्णय लिया जाएगा।
कार्गो टर्मिनल से मप्र मे आएगा क्रांतिकारी परिवर्तन
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कार्गो टर्मिनल की सोच को क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि अगर ऐसा होता है तो न सिर्फ मध्यप्रदेश के लिए बल्कि पूरे देश की लिए क्रांतिकारी साबित होगा। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि शिवराज सिंह सक्रिय और दूरदर्शी सोच वाले व्यक्ति हैं।
वे एविएशन के क्षेत्र के महत्व को समझने वाले पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने इस प्रकार एयर लाइंस कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की। उन्होंने माना कि एयर इंडिया करोड़ों के घाटे में चल रही है, परन्तु उसका एक सामाजिक सेवा से जुड़ा आयाम भी है। कंपनी को वित्तीय घाटे से उबारने के लिए संस्थाओं ने वित्तीय पैकेज दिया है।
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