भोपाल. व्यापमं परीक्षा गड़बड़ी के सरगना डॉ. जगदीश सागर के करीबी दलाल गंगाराम पिपलिया को लेकर एसटीएफ की टीम बड़वानी और खरगौन जाएगी। एसटीएफ उसकी संपत्ति की जानकारी तलाश रही है। यह भी पता लगाया जाएगा कि गंगाराम ने अपने तीन बेटों को एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के लिए रकम कहां से जमा की है।
रिमांड अवधि खत्म होने के बाद एसटीएफ ने मंगलवार को गंगाराम को अदालत में पेश किया। बीती 12 सितंबर को पेशी के दौरान हंगामा करने से उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। मंगलवार को एसटीएफ ने अदालत को बताया कि चार दिन के रिमांड के दौरान गंगाराम से जरुरी पूछताछ नहीं की जा सकी। इसलिए उसे दोबारा रिमांड पर दिया जाए। इसे मंजूर कर उसे 19 सितंबर तक रिमांड पर भेजने के आदेश किए गए।
जेल प्रहरियों से होगी 24 सितंबर तक पूछताछ
एसटीएफ ने सोमवार को गिरफ्तार किए गए तीन जेल प्रहरियों को भी अदालत में पेश किया। पूछताछ का हवाला देकर एसटीएफ ने उन्हें रिमांड पर देने की अपील की। अदालत ने उन्हें 24 सितंबर तक रिमांड पर भेजने के आदेश कर दिए। जून 2012 में हुई जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा में शामिल हुए मुरैना निवासी विजय त्यागी, देवेंद्र गौड़ और प्रदीप रावत को गिरफ्तार किया गया था।
इंजीनियरिंग छात्र ने एक लाख लेकर दी थी परीक्षा
एसटीएफ ने तीन हजार रुपए के इनामी दिल्ली तकनीकी विवि के छात्र योगेश कुमार को गिरफ्तार किया है। मूलत: अलवर, राजस्थान निवासी योगेश की पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा-2013 मामले में तीन महीने से तलाश थी। उसने दलाल टिंकू सिकरवार के जरिए मुरैना के एक उम्मीदवार के स्थान पर परीक्षा दी थी। इसके एवज में उसने एक लाख रुपए में सौदा किया था।