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गंगाराम के बेटों की जांच शुरू, दाखिले को संदिग्ध मान रही एसटीएफ

7 वर्ष पहले
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भोपाल. एसटीएफ ने पीएमटी गड़बड़ी के सरगना डॉ. जगदीश सागर के दलाल गंगाराम पिपलिया के तीन बेटों के पीएमटी पास करने की भी जांच शुरू कर दी है। उसके बेटों ने सत्र 2010 आैर 2011 में अलग-अलग मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया था।
आरोप है कि गंगाराम ने पीएमटी-2013 में 300 से ज्यादा, जबकि पीएमटी-2012 में 200 उम्मीदवार डॉ. सागर तक पहुंचाए थे। सागर का दलाल गंगाराम 16 सितंबर तक एसटीएफ की रिमांड पर है।
एसटीएफ के मुताबिक गंगाराम धार, बड़वानी, खरगोन, रतलाम, झाबुआ आदि क्षेत्रों में सक्रिय था। वह इन जिलों में पीएमटी के उम्मीदवारों की तलाश करता था। इसके बाद उन्हें सागर तक पहुंचाता था। गंगाराम के बेटे भोपाल के गांधी मेडिकल एवं चिरायु मेडिकल काॅलेज आैर इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहे हैं।
एसटीएफ अब तीनों बेटों के पीएमटी पास करने आैर मेडिकल कालेज में हुए दाखिले की जांच भी कर रहा है। रिमांड पर चल रहा गंगाराम खुद को निर्दोष बताकर जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।
डॉ. खनूजा गिरफ्तार

अरबिंदो मेडिकल कॉलेज के जीएम प्रदीप रघुवंशी के माध्यम से अपने बेटे को प्रीपीजी पास कराने वाले डॉ. गुरुभेज खनूजा को शनिवार को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। डॉ. खनूजा ने अपने बेटे अभिजीत काेे प्रीपीजी-2012 पास कराई थी। अरबिंदो कॉलेज में रहते हुए उसने रघुवंशी से बेटे को प्रीपीजी पास कराने की बात की थी।
खनूजा व्यापमं के पूर्व प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट नितिन महिंद्रा के संपर्क में भी था। प्रीपीजी के लीक पर्चे की तैयारी के लिए वह अभिजीत के साथ अन्य उम्मीदवारों को महिंद्रा के पास छोड़कर गया था।