भोपाल. हर घर के लिए जरूरी रसोई गैस सिलेंडर पर राज्य सरकार द्वारा लगाया जा रहा वैट और एंटी टैक्स उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रहा है। सिलेंडर पर पांच प्रतिशत वैट और दो प्रतिशत एंटी टैक्स वसूले जाने से प्रदेश के लोगों को पड़ोसी राज्यों की तुलना में औसतन 80-90 रुपए तक महंगा गैस सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है।
जो गैस सिलेंडर राजस्थान में केवल 391 रु., छत्तीसगढ़ में 418 रु. और उत्तर प्रदेश में 432 रु. में मिलता है, वह मप्र में आधार कार्ड के जरिए गैस कनेक्शन लिंक कराने वाले उपभोक्ताओं को 511 रु. में मिल रहा है। कारण सिर्फ यह है कि पड़ोसी राज्यों में रसोई गैस पर न तो इंट्री टैक्स लगता और न वैट।
खास बात यह है कि कुछ दिनों पहले तक सब्सिडी वाले सिलेंडर ही ये दोनों टैक्स लगते थे, लेकिन रसोई गैस में डायरेक्ट कैश सब्सिडी योजना लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को मिल रही सब्सिडी पर भी लग रहे हैं। नतीजा यह है कि प्रदेश के उपभोक्ता जहां पहले सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए पूरे देश में 20 से 30 रु. ज्यादा दे रहे थे, अब 60 रु. और चुका रहे हैं।
इस तरह देश में सबसे महंगा सिलेंडर खरीद रहे हम
अगर आपने गैस कनेक्शन आधार कार्ड से लिंक नहीं कराया है तो आपको सब्सिडी वाला सिलेंडर 452 रुपए का पड़ता है। इसमें लागत मूल्य 422 रुपए ही है, लेकिन 30 रुपए टैक्स है। महाराष्ट्र को छोड़कर दूसरे पड़ोसी राज्यों में सिलेंडर लागत मूल्य पर ही मिलता है। गैस कनेक्शन को आधार कार्ड से लिंक कराने वालों को सिलेंडर 1333 रुपए में मिलता है। 822 रुपए की सब्सिडी आपके बैंक खाते पर आती है। इस काटने के बाद सिलेंडर 511 रुपए का पड़ता है। यानी आप हर सिलेंडर पर 89 रुपए टैक्स देते हैं।
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