भोपाल. शासकीय व निजी स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों से राज्य सरकार तंबाकू गुटखा न खाने और खाने वालों को छोड़ने के लिए प्रेरित कराने का शपथ-पत्र भरवाएगी। शपथ-पत्र भरवाने का काम वॉइस ऑफ टोबेको विक्टिम (वीओटीआई) व मप्र मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (एमपीएमओए) के सदस्यों की समिति करेगी।
यह निर्णय रविवार को स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी की मौजूदगी में हुई वीओटीआई,एमपीएमओए सहित अन्य स्वंयसेवी संगठनों की बैठक में लिया गया। जोशी ने बताया कि स्कूली बच्चों को तंबाकू गुटखा, बीड़ी-सिगरेट सहित अन्य प्रकार के नशीले पदार्थों की लत 12 से 17 साल की उम्र के बीच लगती है। यह उम्र स्कूलों में पढ़ने की हैं। अब प्राचार्य और शिक्षकों को संस्था में पढ़ रहे बच्चों की काउंसलिंग करना होगी।
प्राचार्य करेंगे शिकायत : जोशी ने बताया कि स्कूलों के नजदीक अब पान-गुटखा गुमठी संचालित नहीं होगी। संस्थाओं के प्राचार्य व शिक्षक स्कूल के नजदीक ऐसी गुमठी को बंद कराने की शिकायत कलेक्टर और सीएमएचओ से करेंगे। वहीं, मप्र मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ललित श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों की काउंसलिंग डॉक्टर और वीओटीआई के सदस्य मिलकर करेंगे।