भोपाल. देश की सभी आईआईटी, आईआईएम और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज (सीयू) इसी साल से ऑनलाइन कोर्सेस उपलब्ध कराएंगी। इसके लिए मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट (एमएचआरडी) ने ‘स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव-लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड' यानि स्वयं नाम से एक प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत आईआईटी, आईआईएम और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज स्टूडेंट्स को ऑनलाइन कोर्स ऑफर करेंगी।
'स्वयं' प्रोजेक्ट के पहले चरण के लिए कुछ आईआईटी, आईआईएम और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज को चिह्नित किया जा चुका है। ऑनलाइन कोर्सेस दिसंबर-2014 के अंतिम सप्ताह से शुरू हो सकते हैं। आईआईटी और आईआईएम की ओर से ऑनलाइन कोर्सेस पहली बार शुरू किए जा रहे हैं।
एमएचआरडी के अनुसार कोर्स ऑनलाइन करने की वजह
कोर्स ऑनलाइन करने के विषय में एमएचआरडी का कहना है कि आईआईटी, आईआईएम, सेंटल यूनिवर्टीज में सीटों की संख्या लिमिटेड रखी जाती है। इनमें दाखिले के लिए हर साल लाखों स्टूडेंट्स लिए अप्लाय करते हैं, लेकिन एडमिशन कुछ स्टूडेंट्स को ही मिल पाता है।
‘स्वयं' प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक स्टूडेंट को कवर करने की प्लानिंग बनाई गई है। इससे स्टूडेंट्स को इन टॉप इंस्टीट्यूट्स से कुछ न कुछ सीखने का मौका मिलेगा। सभी ऑनलाइन कोर्स फ्री में सीखे जा सकेंगे। ये कोर्सेस सिर्फ भारतीय स्टूडेंट्स के लिए ही होंगे। इन कोर्सेस के वेरिफाइड सर्टिफिकेट भी बहुत कम शुल्क देकर लिए जा सकेंगे।
पहले चरण में इनका नाम शामिल
एमएचआरडी के 'स्वयं' प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण के लिए कुछ आईआईटी, आईआईएम और सीयू के नाम फाइनल कर लिए गए हैं। इनमें आईआईटी-बॉम्बे, आईआईटी-चेन्नई, आईआईटी-कानपुर, आईआईटी-गुवाहाटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, इग्नू, आईआईएम-बैंगलुरू, आईआईएम-
कोलकाता और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी का नाम शामिल है।
कैसे कराए जा सकेंगे रजिस्ट्रेशन
इस प्रोजेक्ट के लिए ‘स्वयं’ नाम से एक सर्वर भी बनाया गया है, जो कई देशों में मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेस (एमओओसी) के नाम से प्रचलित है। ऑनलाइन कोर्सेस शुरू करने से पहले इस सर्वर पर रजिस्ट्रेशन के लिए प्लेटफॉर्म भी बनाया जाएगा, जिस पर लॉगिन करके रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। सभी आईआईटी, आईआईएम और सीयू सर्वर पर अपना इनपुट भी अपलोड करेंगी।
एमओओसी प्लेटफॉर्म का इंडियन वर्जन है 'स्वयं'
एमएचआरडी ने भारत में ‘स्वयं’ के जरिए पहली बार एमओओसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से टीचिंग की शुरुआत की है। देश के लाखों स्टूडेंट्स के लिए ये फायदेमंद होगा।
- डॉ. यूसी पांडेय, रीजनल डायरेक्टर, इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, भोपाल