भोपाल. आयकर विभाग की कार्रवाई में भोपाल के बिल्डर समूहों के यहां प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट के काफी दस्तावेज मिले हैं। इनमें ‘ऑन मनी’ (नगद पैसा) का इस्तेमाल किया गया है। एमपी नगर स्थित महेंद्रा बिल्डर एंड डेवलपर ने शुक्रवार को सात करोड़ की अघोषित आय स्वीकार की थी।
इसके बाद शनिवार को भी उसके यहां जमीनों के इंवेस्टमेंट संबंधी कागजात मिले हैं। इसी तरह की जानकारी का खुलासा रियल एस्टेट से जुड़ी फर्म ग्लोबल मेगा वेंचर (जीएमवी) के यहां हुआ है। विभाग ने सर्वे की कार्रवाई पूरी कर दी, परंतु दस्तावेजों की छानबीन के बाद ही टैक्स का आंकलन होगा।
विभाग ने शुक्रवार को भोपाल सहित हरदा में कई ठिकानों पर सर्वे की कार्रवाई शुरू की थी। सूत्रों का कहना है कि जीएमवी ने जमीनों की खरीद-फरोख्त में करोड़ों रुपए का इन्वेस्टमेंट किया है। फर्म ने यह राशि परिचितों से कर्ज के जरिए लेना दिखाया है। जिन-जिन लोगों से कर्ज की बात सामने आई है, विभाग उनसे अगले सप्ताह पूछताछ करेगा।
विभाग का कहना है कि इस मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है क्योंकि पहले से ही इस फर्म पर टैक्स की डिमांड निकली हुई है। इससे बचने के लिए ही वह कर्ज लेना दिखा रही थी। जीएमवी में करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी सामने आ सकती है।
अब तक 11 करोड़ रुपए की अघोषित आय का खुलासा
आयकर विभाग के मुताबिक भोपाल के बिल्डरों, कपड़ा व्यापारियों व बर्तन कारोबारी तथा हरदा के ज्वैलर्स समेत अब तक 11 करोड़ रुपए की अघोषित आय सामने आ चुकी है। बैरागढ़ के कपड़ा व्यापारी समूह सोनिका और मनोज ने 60 लाख की अघोषित आय स्वीकार कर ली।
वहीं, हरदा के श्रीजी ज्वैलर्स ने करीब डेढ़ करोड़ रुपए सरेंडर किए हैं। भोपाल के जीएमबी और राधाकृष्ण बर्तन ने अघोषित आय स्वीकार नहीं की है। जीएमवी और राधाकृष्ण के यहां से आयकर विभाग ने अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। शुक्रवार को हरदा के नयनतारा ज्वैलर्स ने दो करोड़ रुपए सरेंडर किए थे।